Himachal News: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) ने पर्यटकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। निगम ने राज्य के प्रमुख होटलों में प्रदूषण कम करने के लिए एक खास कदम उठाया है। अब पर्यटकों की सुविधा के लिए बैटरी से चलने वाले पांच इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे गए हैं। इस नई पहल पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। ये गाड़ियां चायल, पालमपुर, खज्जियार और कसौली जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर अपनी सेवाएं देंगी।
एक चार्ज में चलेंगी 60 किलोमीटर
ये नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां छह सीटर हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल परिसर के अंदर पर्यटकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में होगा। तकनीकी रूप से ये वाहन काफी सक्षम हैं। एक बार फुल चार्ज होने पर ये गाड़ियां 60 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती हैं। इनकी अधिकतम रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। स्पीड कम होने के कारण ये होटल परिसर में चलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर बड़े होटल परिसरों में पर्यटकों को काफी पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में ये इलेक्ट्रिक गाड़ियां बुजुर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पर्यटकों के लिए बहुत मददगार साबित होंगी। एचपीटीडीसी का मानना है कि इससे मेहमानों का सफर आरामदायक और यादगार बनेगा। यह सुविधा शुरू होने से पर्यटकों को सामान लाने और ले जाने में भी आसानी होगी। हिमाचल प्रदेश सरकार पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है।
प्रदूषण मुक्त होगा पर्यटन
इन इलेक्ट्रिक वाहनों के चलने से शोर और धुएं की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे होटल का वातावरण शांत और सुखद रहेगा। निगम के निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि पर्यावरण बचाने की दिशा में यह एक जरूरी कदम है। पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों पर निर्भरता अब कम होगी। निगम भविष्य में अपनी दूसरी इकाइयों में भी ऐसे वाहन चलाने पर विचार कर रहा है। इससे हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता भी बनी रहेगी।

