New Delhi News: नसों में पुराने दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पतंजलि आयुर्वेद ने ‘पीड़ानिल गोल्ड’ (Peedanil Gold) नाम की दवा के जरिए इलाज की नई उम्मीद जगाई है। यह दवा नसों के दर्द में बेहद असरदार साबित हुई है। इस पर हुई रिसर्च को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘पेन रिसर्च एंड मैनेजमेंट’ (Pain Research and Management) में प्रकाशित किया गया है। यह दवा पारंपरिक आयुर्वेदिक नुस्खों और आधुनिक विज्ञान का अनूठा संगम है।
महंगी दवाओं से मिलेगी आजादी
पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने इस शोध को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह दवा उन मरीजों के लिए आशा की किरण है, जो सालों से दर्द सह रहे हैं। लोग महंगी दवाओं पर हजारों रुपये खर्च करते हैं, फिर भी उन्हें स्थायी आराम नहीं मिलता। बालकृष्ण ने बताया कि दुनिया भर में लाखों लोग नसों के दर्द से परेशान हैं। यह दवा उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
क्यों होता है नसों में खतरनाक दर्द?
न्यूरोपैथिक दर्द यानी नसों का दर्द कई कारणों से हो सकता है। यह अक्सर डायबिटीज, पुरानी चोट, कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट या रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण होता है। इस दर्द की वजह से मरीज को नींद नहीं आती और वह चिड़चिड़ा हो जाता है। इससे व्यक्ति की काम करने की क्षमता भी घट जाती है। एलोपैथिक दवाएं कुछ देर के लिए दर्द दबा देती हैं, लेकिन बीमारी को जड़ से खत्म नहीं कर पातीं।
किन चीजों से बनी है यह दवा?
पतंजलि ने इस दवा को खास जड़ी-बूटियों और खनिजों से तैयार किया है। इसमें बृहत्वत चिंतामणि रस, पुनर्नवादि मंडूर, शुद्ध गुग्गुलु, मुक्ता शुक्ति भस्म, महावत विध्वंसन रस और आमवातारी रस शामिल हैं। पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यह दवा ऑस्टियोआर्थराइटिस और जोड़ों की सूजन में भी कारगर है।
चूहों पर सफल रहा प्रयोग
इस दवा की वैज्ञानिक प्रमाणिकता जांचने के लिए चूहों पर प्रयोग किया गया। शोध में पाया गया कि पीड़ानिल गोल्ड ठंड या गर्मी से होने वाले दर्द को काफी हद तक कम करती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसका असर दर्द निवारक दवा ‘गैबापेंटिन’ (Gabapentin) के बराबर पाया गया। यह दवा शरीर में दर्द के संकेतों को रोकने का काम करती है। यह सूजन बढ़ाने वाले तत्वों को भी कंट्रोल करती है। अब यह दवा नसों के दर्द का एक पक्का और सुरक्षित इलाज बन सकती है।
