Kerala News: भगवान अय्यप्पा के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी के मामले ने सबको चौंका दिया है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी कंदारारू राजीव को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से जुड़े गवाहों के बयानों के बाद हुई है। सबरीमाला मंदिर की सुरक्षा और पवित्रता को लेकर यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
गवाहों ने खोली पोल
जांच में पूर्व देवस्वोम बोर्ड अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजीव के संबंध बेंगलुरु के स्पॉन्सर पोट्टी के साथ थे। आरोप है कि सबरीमाला मंदिर के पूर्व पुजारी ने पोट्टी को गलत तरीके से फायदा पहुँचाया। उन्होंने मंदिर के अंदर अवैध सोने की परत चढ़ाने के काम में मदद की। कर्मचारियों ने भी राजीव के खिलाफ गवाही दी है। इससे उन पर भ्रष्टाचार के आरोप और मजबूत हो गए हैं।
नियम तोड़कर भेजा गया सोना
एसआईटी सूत्रों ने बताया कि राजीव ने नियमों की अनदेखी की। उन्होंने द्वारपाल की मूर्तियों और दरवाजों से सोने के पैनल हटाने की छूट दी। यह सोना बिना अनुमति चेन्नई भेजा गया था। सबरीमाला मंदिर के नियमों के खिलाफ जाकर यह काम किया गया। पुलिस ने 8 और 9 जनवरी को उनसे कड़ी पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अब भी गायब है सोना
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बावजूद 475 ग्राम से ज्यादा सोना अभी भी नहीं मिला है। जांच एजेंसी लगातार बाकी सोने की तलाश कर रही है। सबरीमाला मंदिर केरल का सबसे अमीर मंदिर है। यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस घटना ने भक्तों की आस्था को भी चोट पहुंचाई है।

