World News: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में सोना अविश्वसनीय रूप से सस्ता है। यहां 24 कैरेट शुद्ध सोना महज 181 रुपये प्रति ग्राम के भाव से मिल रहा है। यह कीमत भारत में एक अच्छी चाय या कॉफी के दाम के बराबर है। यह स्थिति देश की आर्थिक त्रासदी को दर्शाती है।
भारत में सोने की वर्तमान कीमत लगभग 13,827 रुपये प्रति ग्राम है। वेनेजुएला में इसी शुद्धता वाले सोने का दाम इससे 76 गुना कम है। 22 कैरेट सोना वहां 166 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बिक रहा है। यह अविश्वसनीय अंतर मुद्रा के पतन का परिणाम है।
मुद्रा के पतन और भ्रष्टाचार का प्रभाव
वेनेजुएला की मुद्रा ‘बोलिवर’ ऐतिहासिक गिरावट का सामना कर चुकी है। इसके चलने वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। लेकिन सोने का अंतरराष्ट्रीय मूल्य स्थिर रहता है। इसलिए स्थानीय मुद्रा में इसकी कीमत नाटकीय रूप से कम दिखाई देती है।
सस्ता सोना देश की समृद्धि का संकेत नहीं है। यह आर्थिक संकट की गहराई को दर्शाता है। देश में मुद्रास्फीति अत्यधिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। जनता आवश्यक वस्तुओं के लिए संघर्ष कर रही है।
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कार्यकाल में सोने के भंडार में भारी कमी आई। रिपोर्ट्स के अनुसार 2013 से 2016 के बीच 113 मीट्रिक टन सोना स्विट्जरलैंड भेजा गया। सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
प्राकृतिक संपदा और विडंबना
वेनेजुएला दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक है। यहां दुनिया के कच्चे तेल का 17 प्रतिशत भंडार है। ‘ओरिनोको माइनिंग आर्क’ में आठ हजार टन से अधिक सोने का भंडार है। हीरे और बॉक्साइट जैसे संसाधन भी प्रचुर मात्रा में हैं।
सही प्रबंधन होता तो वेनेजुएला दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होता। लेकिन कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार ने स्थिति बदतर बना दी। विश्व सोना परिषद के अनुसार 2024 में यहां सोने का उत्पादन मात्र 30.6 टन रहा।
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2024 तक वेनेजुएला के पास केवल 161 टन सोना बचा था। सरकारी खजाना लगभग खाली हो चुका है। भ्रष्टाचार और गलत नीतियों ने देश को इस स्थिति में पहुंचाया है।
वैश्विक तुलना और आर्थिक संकेत
भारत और वेनेजुएला के बीच सोने के दामों का अंतर स्पष्ट करता है कि मुद्रा का मूल्य कितना महत्वपूर्ण है। वेनेजुएला में सोना सस्ता दिखता है क्योंकि स्थानीय मुद्रा का मूल्यह्रास हुआ है। वास्तविक रूप से सोने का अंतरराष्ट्रीय मूल्य स्थिर बना हुआ है।
यह स्थिति अन्य देशों के लिए एक चेतावनी भी है। मुद्रा की स्थिरता और आर्थिक नीतियों का प्रबंधन राष्ट्रीय समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। संसाधनों का दुरुपयोग अंततः जनता के लिए संकट पैदा करता है।
वेनेजुएला के नागरिक इस आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। भोजन और दवाइयों जैसी बुनियादी जरूरतों तक पहुंच एक चुनौती है। सोने की कम कीमत उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि नहीं करती। क्योंकि अन्य सभी वस्तुओं की कीमतें बहुत अधिक हैं।
इस स्थिति ने वेनेजुएला को एक विरोधाभासी स्थिति में पहुंचा दिया है। प्राकृतिक संपदा से भरपूर देश गंभीर आर्थिक संकट झेल रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने देश की स्थिति पर चिंता जताई है। आर्थिक सुधारों की आवश्यकता स्पष्ट है।
