Business News: सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारतीय बाजार में दोनों कीमती धातुएं अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिका में राजनीतिक तनाव और ईरान में बढ़ते प्रदर्शन इसकी प्रमुख वजह बने। निवेशक सुरक्षित पनाहगाह की तलाश में सोने की ओर भाग रहे हैं।
एमसीएक्स पर सोने ने एक लाख इकतालीस हजार एक सौ पचास रुपये प्रति दस ग्राम का नया रिकॉर्ड बनाया। चांदी ने भी दो लाख तिरसठ हजार नौ सौ छियानबे रुपये प्रति किलोग्राम का शीर्ष स्तर छुआ। दोनों धातुओं में आज तेजी का रुख देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उछाल
वैश्विक बाजार में भी सोने ने नया मील का पत्थर पार किया। इसकी कीमत बढ़कर चार हजार छह सौ एक डॉलर प्रति औंस हो गई। चांदी ने भी तेजी के साथ तिरासी डॉलर के करीब का स्तर हासिल किया। यह उछाल कई कारकों के मेल से आया है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने एक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि न्याय विभाग से ग्रैंड जूरी समन प्राप्त हुआ है। यह मामला फेड के मुख्यालय निर्माण से जुड़ा है। इससे फेड और व्हाइट हाउस के बीच मौजूदा तनाव बढ़ गया है।
राहुल कलांत्री मेहता इक्विटीज के कमोडिटी उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। फेड पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका में रोजगार के आंकड़े कमजोर आए हैं। इन सब वजहों से लोग सोना खरीद रहे हैं।
ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार में उथल-पुथल पैदा की। निवेशकों को आशंका है कि राजनीतिक अस्थिरता तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति के ताजा बयान ने भी अनिश्चितता का माहौल बढ़ाया है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
पिछले सप्ताह अमेरिका के रोजगार आंकड़े आशा से कमजोर रहे। इससे बाजार में एक नई उम्मीद जगी है। विश्लेषकों को लगता है कि फेड इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। कम ब्याज दरें सोने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों ने सोने के लिए समर्थन और प्रतिरोध स्तर बताए हैं। समर्थन एक लाख चौंतीस हजार पांच सौ पचास रुपये के आसपास है। प्रतिरोध एक लाख इकतालीस हजार तीन सौ पचास रुपये के स्तर पर देखा जा रहा है।
चांदी के लिए समर्थन दो लाख अड़तालीस हजार आठ सौ दस रुपये पर है। इसका प्रतिरोध स्तर दो लाख पचपन हजार आठ सौ दस रुपये के करीब चल रहा है। बाजार इन स्तरों पर संवेदनशील प्रतिक्रिया दे सकता है।
पिछले सप्ताह सोने में चार प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। चांदी ने तो सात प्रतिशत से अधिक का उछाल दिखाया। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब दोनों धातुओं ने मजबूती बरकरार रखी।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने भी कीमतों को समर्थन दिया है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा भी जारी है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी रुख ने भी बाजार को प्रभावित किया।
डॉलर की कीमत में आई गिरावट ने भी सोने को रफ्तार दी। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोना महंगा हो जाता है। विश्व बैंक ने वैश्विक आर्थिक विकास दर के अनुमान घटाए हैं। इससे भी निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है।
