मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में उड़ान होती है, हौसला बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नहीं। यही कुछ संभव कर दिखाया है चंबा जिला के भटियात क्षेत्र के एक छोटे से गांव मंगनूह की शिखा समितिया ने। शिखा ने बिना कीसी कोचिंग के हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा उत्‍तीर्ण कर चौथा स्थान हासिल किया है। उन्‍होंने गांव सहित जिला चंबा का भी नाम रोशन किया है।

शिखा का जन्म लिंजो राम व स्वर्गीय गुड़ी देवी के घर 14 फरवरी 1995 को ककीरा के मगनूह छोटे से गांव मे हुआ था। शिखा की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय उच्च सरकारी स्कूल ककिरा से हुई है। इन्होंने 2 साल चौवाड़ी कॉलेज मे भी शिक्षा हासिल की है। आगे की पढ़ाई उन्होंने कांगड़ा से पूरी की थी। शिखा 7 बहनों मे से सबसे छोटी है, शिखा ने बिना कोचिंग के यह सफलता हासिल की है और भविष्य मे शिखा लोगों के लिए काम करना चाहतीं है। शिखा सरकारी स्कूलों मे पढ़ रहे बच्चों के लिए मोटिवेशन का काम करना चाहतीं है।

कई बार असफल होने के बावजूद शिखा ने हिम्‍मत नहीं हारी और प्रयासरत रहीं। इससे पहले भी वह तीन बार एचएएस, दो बार अलाइड की परीक्षा में असफल हो चुकी थीं। लेकिन हार न मानते हुए कठिन परिश्रम से आज वह इस मुकाम पर पहुंची हैं इसका श्रेय वह अपने माता-पिता गुरुजनों व परिवार के सदस्यों को देती हैं।

शिखा का कहना है कि 66 वर्षीय पिता मेरे लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं, जिन्होंने एचएएस के इस कठिन सफर में मेरा साथ दिया। ऐसे अवसर प्रदान किए कि आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं। मैं हर एक पिता से गुजारिश करती हूं कि अपने बच्चों पर भरोसा रखें और सवर रखें, मेहनत का फल जरूर मिलता है।

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