Prayagraj News: प्रयागराज से मेरठ तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है। आवागमन शुरू कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में 31 मार्च तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल माह तक इस विशेष मार्ग पर वाहन दौड़ने लगेंगे।
594 किलोमीटर लंबा, 36 हजार करोड़ की लागत
प्रदेश सरकार कीइस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। हादसों को रोकने के लिए अलार्म सेंसर लगाए गए हैं। मवेशियों से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर प्रयागराज से मेरठ तक पांच फीट ऊंची चहारदीवारी बनाई जा रही है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और टोल बूथ सभी को चेक कर लिया गया है।
राम वनगमन पथ से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
गंगाएक्सप्रेसवे को अयोध्या से चित्रकूट तक बनाए जा रहे राम वनगमन पथ से भी जोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव व यूपीडा के सीईओ दीपक कुमार ने लखनऊ में समीक्षा बैठक कर 31 मार्च तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रयागराज और प्रतापगढ़ में काम तेज कर दिया गया है। प्रयागराज और प्रतापगढ़ में 56 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे 42 गांवों से होकर गुजरेगा।
जूड़ापुर दांदू में एंट्री प्वाइंट
प्रयागराज मेंसोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव में एक्सप्रेसवे का एंट्री प्वाइंट बनाया गया है। वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा से आने वाले वाहन प्रयागराज बाईपास से गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर सकेंगे। एंट्री प्वाइंट पर हाई-स्पीड रीडर लगाए गए हैं, जो 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी स्कैन कर सकते हैं। इससे टोल फास्टैग और निगरानी दोनों एक साथ हो सकेगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि हाईस्पीड गंगा एक्सप्रेसवे के शेष कार्यों को दो हफ्ते में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में इसकी आधारशिला रखी थी।

