Uttar Pradesh News: काशी में मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों को लेकर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मां गंगा के तट पर स्थित मंदिरों और अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया है। संजय सिंह के मुताबिक, जब उन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई, तो उन पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने इसे हिंदू धर्म की आस्था पर सीधा हमला बताया है।
एफआईआर से नहीं डरने वाले
संजय सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ कहा कि वे इन मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, अगर मंदिर तोड़े जाएंगे और प्रतिमाएं खंडित होंगी, तो चुप रहना पाप है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है। उन्होंने कहा कि सवाल उठाने वालों को डराने के बजाय मंदिरों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
साधु-संतों में भी भारी आक्रोश
मणिकर्णिका घाट केवल एक श्मशान नहीं, बल्कि हिंदू आस्था का बड़ा केंद्र है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में धर्मनिष्ठ शासिका अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार से मोक्ष मिलता है। ऐसे पवित्र स्थल पर तोड़फोड़ की खबरों ने साधु-संतों को नाराज कर दिया है। अहिल्याबाई होलकर के परिवार और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद कार्रवाई शिकायतकर्ता पर ही हुई है।
भाजपा पर ‘आस्था कुचलने’ का आरोप
आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट और आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भाजपा को घेरा है। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ने का विरोध करना अपराध नहीं है। यह घटना दिखाती है कि भाजपा हिंदुओं की भावनाओं को कुचल रही है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह हिंदू आस्था की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी। यह लड़ाई अब एक एफआईआर से आगे बढ़कर जनता के विश्वास की हो गई है।

