इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से घरेलू उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद शनिवार को श्रीविजय एयर के एक यात्री विमान का संपर्क हवाई यातायात नियंत्रक (एयर ट्रैफिक कंट्रोलर) से टूट गया। विमान में 62 लोग सवार थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदि करया सुमादी ने कहा कि उड़ान संख्या ‘एसजे182’ ने एक घंटे देरी से स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:36 बजे उड़ान भरी थी, जिसका करीब चार मिनट बाद रडार से संपर्क टूट गया। इससे पहले पायलट ने 29,000 फुट की ऊंचाई पर जाने के लिए हवाई यातायात नियंत्रक से संपर्क किया था।

एयरलाइन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विमान ने जकार्ता से पोंटियानक के लिए उड़ान भरी थी, जो इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप स्थित पश्चिम कालीमंतन प्रांत की राजधानी है। इस उड़ान की अवधि करीब 90 मिनट थी। विमान में 50 यात्रियों के अलावा चालक दल के 12 सदस्य सवार थे। सभी इंडोनेशिया के नागरिक हैं। मंत्री ने कहा कि उत्तरी जकार्ता में द्वीपों की श्रृंखला ‘थाउजैंड द्वीप समूह’ के लानचांग एवं लाकी द्वीप के मध्य विमान की खोज एवं बचाव अभियान के तहत चार युद्धपोत समेत करीब दर्जन भर पोत को तैनात किया गया है।

जकार्ता से पोंटियानक जाने वाले विमान की अधिकतर यात्रा जावा समुद्र के ऊपर से होकर गुजरती है। अब तक लापता विमान के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं, स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ‘थाउजैंड द्वीप समूह’ में मछुआरों ने शनिवार दोपहर धातु के कुछ टुकड़े तैरते देखे, जिनके बारे में माना जा रहा है कि ये विमान के हिस्से हो सकते हैं। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के उप प्रमुख बाम्बांग सुरयो अजि ने कहा कि बचाव दल ने मछुआरों से विमान के कथित मलबे एवं कुछ कपड़ों को एकत्र किया है, जिन्हें राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति को सौंपा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये चीजें लापता विमान से संबंधित हैं?

कमांडर ने बताया कि मछुआरों को तार एवं धातु के टुकड़े पानी में मिले हैं। उन्होंने कहा, ‘मछुआरों ने हमें बताया कि उन्हें तूफान जैसी बेहद तेज आवाज सुनाई दी और उसके बाद उन्हें ये चीजें मिली।’ साथ ही स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि मछुआरों को जहां से ये चीजें मिली, उसी स्थान के पास कुछ तेल (ईंधन) भी पाया गया है। लानचांग द्वीप के मछुआरे सोलिहिन ने कहा कि उसने और उसके एक अन्य साथी ने जहां वह मौजूद थे, उससे करीब 30 मीटर की दूरी पर एक धमाके की आवाज सुनी।

उन्होंने कहा, ‘हमें लगा कि यह कोई बम या सुनामी है क्योंकि तेज धमाके के बाद हमें समुद्र की ऊंची लहरें दिखाई दीं। वहां काफी तेज बारिश हो रही थी और मौसम भी बेहद खराब था इसलिए आसपास साफ तौर पर देखने में परेशानी आ रही थी। हालांकि, हमने तेज धमाके की आवाज के बाद ऊंची लहरें देखीं। बाद में हम अपनी नौका के पास विमान का मलबा और विमान का ईंधन देखकर चौंक गए।’ अजि ने कहा कि विमान से कोई रेडियो सिग्नल प्राप्त नहीं हो पाए थे। यह 26 साल पुराना विमान था।

कि विमान के आपातकालीन ट्रांसमीटर से कोई सिग्नल क्यों प्राप्त नहीं हो पाए थे, ताकि ये पुष्टि की जा सके कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, अथवा नहीं। इस बीच, श्रीविजय एयर के अध्यक्ष जेफरसन इरविन ने संवाददाताओं से कहा कि विमान उड़ने भरने के लिए पूरी तरह सुरक्षित था। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले दिन में विमान ने पोंटियानक और पांग्कल पिनांग शहर के लिए उड़ान भरी थी। जेफरसन ने यह भी कहा कि विमान ने खराब मौसम के चलते देरी से उड़ान भरी थी ना कि किसी अन्य खराबी के चलते।

टीवी चैनलों की फुटेज में जकार्ता और पोंटियानक हवाईअड्डे पर विमान में सवार यात्रियों के परिजन एवं मित्र रोते-बिलखते और प्रार्थना करते देखे गए। शिकागो की कंपनी बोइंग ने ट्विटर पर कहा कि वह घटना से अवगत है और परिस्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। साथ ही कहा, ‘हम और अधिक सूचना एकत्र करने को लेकर कार्य कर रहे हैं।’ उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2018 में जकार्ता से उड़ान भरने के चंद मिनट बाद ही लायन एयर का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार 189 लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार को लापता हुआ विमान स्वचालित उड़ान संचालन प्रणाली से लैस नहीं है, जो कि लायन एयर के विमान की दुर्घटना में अहम वजह रहा था। श्रीविजय एयर इंडोनेशिया की किफायती उड़ान सेवाओं में शामिल है, जोकि दर्जनों घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती है।

By RIGHT NEWS INDIA

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