शरद पवार से सिंघवी तक 26 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे, 11 सीटों पर 16 मार्च को होगी वोटिंग

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Political News: दस राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में 26 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। इनमें एनसीपी (शरद) प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले जैसे बड़े नाम शामिल हैं। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद अब सात राज्यों में चुनाव की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, असम, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में राज्यसभा के लिए वोटिंग नहीं होगी। इन राज्यों में जितनी सीटों के लिए चुनाव होने थे, उतने ही उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा।

इन राज्यों में निर्विरोध चुनाव

महाराष्ट्र सेसात उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। भाजपा से रामदास आठवले, विनोद तावड़े, माया चिंतामण और रामदास वडकुट, एनसीपी से पार्थ पवार, शिवसेना से ज्योति वाघमारे और एनसीपी (एसपी) से शरद पवार ने निर्विरोध जीत दर्ज की। तमिलनाडु में छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। डीएमके के टी शिवा और सी रवींद्रन, कांग्रेस के एम क्रिस्टोफर तिलक, पीएमके के अंबुमणि रामदास, डीएमडीके के एलके सुधीश और एआईएडीएमके के एम थंबीदुरई ने जीत दर्ज की।

पश्चिम बंगाल की पांच सीटों पर टीएमसी की मेनका गुरुस्वामी, बाबुल सुप्रियो, कोयल मलिक, राजीव कुमार और भाजपा के राहुल सिन्हा निर्विरोध चुन लिए गए। असम में भाजपा के तेराश गोवाला, जोगेन मोहन और यूपीपीएल के प्रमोद बोरो निर्विरोध जीते। छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फुलो देवी नेताम, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के अनुराग शर्मा और तेलंगाना में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए।

बिहार में कड़ा मुकाबला

बिहार कीपांच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होगा। राज्य में एक दशक से अधिक समय बाद राज्यसभा के लिए मतदान की नौबत आई है। बिहार विधानसभा सचिव के मुताबिक, छह उम्मीदवारों में से किसी ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा पहुंचने की संभावना है।

बिहार की एक सीट पर खासा मुकाबला देखने को मिलेगा। आरजेडी ने व्यवसायी से नेता बने अमरेंद्र धारी सिंह को फिर से उम्मीदवार बनाया है। आरजेडी गठबंधन के पास 25 विधायक हैं और उसे एआईएमआईएम और बीएसपी से छह वोट मिलने की उम्मीद है।

ओडिशा और हरियाणा में भी चुनाव

ओडिशाकी चार सीटों में से एक पर भी जोरदार मुकाबला है। भाजपा के दो उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजेडी के संतरूप मिश्रा और डॉ दत्तेश्वर होता मैदान में हैं। दिलीप रे ने भाजपा के समर्थन से निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।

हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भी दिलचस्प मुकाबला है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए उसे महज 31 वोट की जरूरत है। दस राज्यों में 37 सीटों के लिए कुल 40 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। 26 के निर्विरोध चुने जाने के बाद अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

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