Health News: रात की गहरी नींद में बार-बार पेशाब के लिए उठना एक आम समस्या बन गई है। लोग अक्सर इसे ज्यादा पानी पीने या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह सिर्फ ब्लैडर की कमजोरी नहीं है। यह लाइफस्टाइल और खानपान से जुड़ी एक गंभीर चेतावनी हो सकती है।
अगर यह समस्या रोजाना होने लगे तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। यह कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए इसके कारणों को समझना और सही समय पर इलाज कराना बहुत जरूरी है।
कितनी बार उठना माना जाता है सामान्य?
डॉक्टरोंके अनुसार रात में एक बार पेशाब के लिए उठना सामान्य माना जा सकता है। लेकिन अगर हर रात दो या दो से अधिक बार नींद टूटे तो यह चिंता का विषय है। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती और दिनभर थकान बनी रहती है।
लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। वजन बढ़ना भी एक संभावित नतीजा है। इसलिए इस लक्षण को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
शरीर के हार्मोन का है बड़ा रोल
इस समस्याकी एक प्रमुख वजह एंटी-डाययूरेटिक हार्मोन है। यह हार्मोन रात के समय पेशाब की मात्रा को नियंत्रित करता है। जब यह हार्मोन सही से काम नहीं करता तो रात में ज्यादा यूरिन बनने लगता है।
ब्लड शुगर का बढ़ना इसका एक अहम कारण है। शरीर में ज्यादा नमक और कम पोटैशियम होना भी जिम्मेदार हो सकता है। गलत खानपान की आदतें इस समस्या को और बढ़ा देती हैं।
पैरों में सूजन है एक बड़ा संकेत
अगर आपकेपैरों या टखनों में लगातार सूजन रहती है तो सावधान हो जाएं। दबाने पर गड्ढा पड़ जाना भी एक अहम संकेत है। दिनभर पैरों में जमा पानी रात में लेटते समय खून में वापस मिल जाता है।
किडनी इस अतिरिक्त तरल को फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। इस प्रक्रिया के कारण रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इन आदतों से तुरंत बनाएं दूरी
रात मेंबार-बार पेशाब आने की समस्या से बचने के लिए कुछ आदतों को छोड़ना जरूरी है। सोने से ठीक पहले ज्यादा पानी पीने से बचें। शाम के बाद चाय, कॉफी और शराब का सेवन न करें।
रात में मीठा, नमकीन या भारी स्नैक्स खाने से परहेज करें। डिनर में बहुत ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट न लें। हल्का भोजन करें और देर रात तक जागने की आदत न डालें।
सही लाइफस्टाइल से मिलेगी राहत
इस परेशानीसे बचने के लिए सोने से तीन घंटे पहले पानी पीना कम कर दें। दिन में पोटैशियम से भरपूर चीजें जरूर खाएं। केला और हरी सब्जियां आपकी डाइट का हिस्सा बनाएं।
मैग्नीशियम और विटामिन बी1 की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या इस समस्या को काबू करने में मदद करेगी।
