Himachal News: नए साल पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की वादियों में घूमने आए चार युवकों की जान बाल-बाल बची। त्रियूंड से ट्रैकिंग करके लौटते समय दिल्ली के ये पर्यटक घने जंगल में रास्ता भटक गए। अंधेरा और जंगली रास्तों ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी थी। गनीमत रही कि पुलिस को समय पर सूचना मिल गई। पुलिस टीम ने घनघोर अंधेरे में 4 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
भागसूनाग वाटरफॉल के पास भटके रास्ता
दिल्ली के रहने वाले चार दोस्त 1 जनवरी को ट्रैकिंग के लिए निकले थे। वे हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियूंड गए थे। शाम को वापसी के दौरान वे मुख्य रास्ते से अलग हो गए। वे भागसूनाग वाटरफॉल के ऊपरी हिस्से की ओर निकल गए। घने जंगल और अनजान रास्तों के बीच युवकों ने सही रास्ता खोजने की बहुत कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
फोन के जरिए मांगी मदद
जब युवकों को एहसास हुआ कि वे बुरी तरह फंस चुके हैं, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने मोबाइल के जरिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) से संपर्क किया। उन्होंने अपनी स्थिति और लोकेशन की जानकारी दी। डीडीएमए ने यह सूचना तुरंत मैक्लोडगंज पुलिस थाना को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू टीम तैयार की।
4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
मैक्लोडगंज पुलिस टीम बताए गई लोकेशन की ओर तुरंत रवाना हुई। जंगल घना था और रात का समय था, जिससे सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें आईं। करीब 4 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने चारों युवकों को ढूंढ निकाला। पुलिस टीम ने सभी युवकों को सुरक्षित मैक्लोडगंज पहुंचाया। इसके बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
पुलिस की तत्परता आई काम
इस घटना की पुष्टि एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस पर्यटकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। अधिकारियों ने पर्यटकों को ट्रैकिंग के दौरान निर्धारित रास्तों पर ही चलने की सलाह दी है।
