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नशीली दवाइयों के उत्पादन और तस्करी में फंसी हिमाचल की चार फार्मा कंपनी, ईडी करेगा जांच

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशीली दवाओं के उत्पादन और तस्करी के मामलों पर नकेल के लिए प्रदेश पुलिस ने चार बड़ी फार्मा कंपनियों के खिलाफ वित्तीय जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संपर्क साधा है। तस्करी से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है। दरअसल, पिछले कुछ समय में पुलिस ने नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत तस्करों पर कार्रवाई की है। इसमें पंजाब पुलिस के साथ मिलकर मई में पांवटा की यूनीक फॉम्यूलेशन फर्म से 15 करोड़ के साढ़े बारह लाख ट्रामाडोल कैप्सूल के अलावा तीस लाख से ज्यादा नशीले कैप्सूल बरामद किए थे। सिरमौर पुलिस ने भी इसी फर्म के खिलाफ अवैध रूप से रखे करीब तीन करोड़ रुपये के 745 किलो ग्राम ट्रामाडोल के कच्चे माल को जब्त कर कार्रवाई की।

31 मई को ही सिरमौर पुलिस ने कालाअंब स्थित ऑरिसन फार्मा इंटरनेशनल पर एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि इस फर्म ने अहमदाबाद की एक फर्म को ट्रामाडोल टैबलेट सप्लाई की। यहां से 226 किलो ट्रामाडोल बनाने का कच्चा माल और तीस लाख से ज्यादा टैबलेट बरामद किए। इंटरपोल से अफ्रीकी देश से मिली जानकारी के आधार पर पांवटा साहिब की लैबोरेट फार्मासूटिकल्स फर्म पर भी एफआईआर दर्ज कर सौ करोड़ के ट्रामाडोल के कच्चे माल के अवैध निर्यात के मामले में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने 2019 में पांवटा साहिब की एक फर्म एप्पल फील्ड फार्मा कंपनी


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