चम्बा जिला के बनीखेत क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में भालू के हमले से चार लोग घायल हो गए हैं। चारों भेड़पालक हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा में उचल रहा है। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को भेड़पालक योगराज व रमेश कुमार निवासी सिल्लाघ्राट ने पठानकोट-चम्बा एनएच पर स्थित बनीखेत की आर्मी कालोनी के निकट डेरा लगाया था। सुबह करीब 8 बजे ये भेड़पालक यहां से आगे जाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक साथ लगते जंगल से भालू निकला और भेड़ पालक योगराज पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर रमेश कुमार भी वहां पहुंचा और अपने साथी को भालू के चंगुल से छुड़ाने के लिए भालू के साथ भिड़ गया। काफी देर तक वे भालू के साथ गुत्मगुत्था होते रहे। बाद में किसी तरह से भालू के चंगुल से छूटे। हमले में दोनों बुरी तरह से लहूलुहान हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें पीएचसी बनीखेत पहुंचाया। यहां पर चिकित्सकों ने उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज चम्बा रैफर कर दिया।

आर्मी कालोनी के निकट 2 सगे भाइयों पर किया हमला

इस घटना के कुछ ही घंटों बाद भालू ने आर्मी कालोनी के निकट 2 सगे भाइयों चूहड़ू राम व नारायण सिंह पुत्र परस राम निवासी गांव हेलन तहसील चुराह पर हमला कर दिया। ये भी भेड़पालक हैं। दोनों यहां से गुजर रहे थे कि अचानक भालू ने हमला कर दिया। बेटों पर झपटे भालू को देख पिता परस राम भी भालू के साथ भिड़ गया। एक अन्य भेड़पालक भी वहां पहुंचा और चिल्लाने लगा। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और भेड़पालकों को भालू के चंगुल से छुड़ाया। उन्हें लहूलुहान हालत में उपचार के लिए पीएचसी बनीखेत पहुंचाया गया। भालू ने चूहड़ू राम को बुरी तरह से नोचा है। उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में काफी चोटें आई हैं। उसे 40 से अधिक टांके लगे हैं। वहीं नारायण सिंह की बाजू व अन्य हिस्सों में गहरे घाव हुए हैं। इन दोनों को भी मेडिकल कॉलेज चम्बा में दाखिल किया गया है। इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही डीएफओ.डल्हौजी कमल भारती व डीएसपी विशाल वर्मा टीम सहित मौके पर पहुंचे।

2 लाख रुपए तक मुआवजे का प्रावधान

डीएफओ कमल भारती ने कहा कि भेड़पालकों पर हमले की सूचना मिलते ही वह घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भालू जंगल की ओर भाग गया है। वन विभाग पूरी निगरानी रखे हुए है।  हमले में घायल हुए चारों लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के हमले से घायल को वन विभाग की ओर से मैडीकल रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा देने का प्रावधान है। इसमें सामान्य स्थिति में 15 हजार व गंभीर चोटें आने पर 75 हजार रुपए मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा हमले में कोई दिव्यांग हो जाता है तो उसे दो लाख रुपए  तक का मुआवजा देने का प्रावधान है।

भालुओं के आतंक से सहमे लोग

जिले के बनीखेत, डल्हौजी, भरमौर व अन्य क्षेत्रों में भालुओं का काफी आतंक है। आए दिन यहां पर भालुओं के हमले की घटनाएं सामने आती हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बनीखेत में आर्मी कालोनी के आसपास लोगों की काफी आवाजाही रहती है। स्थानीय रमेश कुमार, विजय, अशोक, रविंद्र व अंकुश ने वन विभाग से मांग की है कि भालुओं के आतंक से निजात दिलाई जाए।

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