झारखंड की राजधानी रांची में अनोखा मामला सामने आया। रिटायर्ड इंजीनियर की अस्पताल में मौत के बाद उनकी अंगुलियों से ढाई लाख की 5 अंगूठियां चोरी कर ली गईं। घटना बरियातू रोड स्थित साई हॉस्पिटल की है। रिटायर्ड इंजीनियर वीरेंद्र प्रसाद वर्णवाल को तबीयत खराब होने के बाद साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन गत शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक मौत के बाद उनकी अंगुली से ढाई लाख की 5 अंगुठियां चोरी कर ली गईं।

मृतक वीरेंद्र प्रसाद वर्णवाल लघु सिंचाई विभाग में इंजीनियर के पद पर चतरा जिले में पोस्टेड थे। वे कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक कार्डियक अरेस्ट की शिकायत पर उन्हें साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई और मौत के बाद उनकी अंगूठियां चोरी हो गईं। अंगूठियां सोने की थीं, जिनमें डायमंड लगा हुआ था। मौत से पहले तक अंगूठियां उनके हाथ में थीं। लेकिन मौत के बाद जब बेटा पीयूष कुमार पिता के शव के पास पहुंचा तो देखा कि अंगुली से अंगूठियां गायब हैं।

बेटे ने बताया कि अंगूठियां पहनने की निशान उंगलियों पर मौजूद थे। इससे ऐसा लग रहा था जैसे कुछ ही देर पहले अंगुठियां खोली गई हों। इस बात की सूचना अस्पताल के कर्मचारी से लेकर प्रबंधन को दी गई, पर सभी ने अंगूठी के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर की। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।

बेटे के अनुसार पिता की हालत गंभीर बनी हुई थी। ऐसे में उन्हें देखने जाने के लिए एक तय समय निर्धारित था। आखिरी बार जब देखा, तो उनकी अंगुलियों में अंगूठी थी। लेकिन जब मौत की सूचना दी गई और तब जाकर देखा तो अंगूठी गायब मिली। बेटे का कहना है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने ही अंगूठियों की चोरी कर ली। उन्होंने पुलिस से मामले की छानबीन कर कार्रवाई की मांग की है।
पीयूष ने बताया कि उसके पिता के हाथ में डायमंड रिंग समेत पांच सोने की अंगूठियां थीं। वहीं चांदी की और एक घोड़े की नाल भी पहन रखी थी। पर चोरों ने चांदी और घोड़े के नाल वाली अंगूठी को छुआ तक नहीं।

हालांकि इस मामले में अस्पताल के कर्मचारी और प्रबंधन अंगूठियों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए परिजनों के आरोप को गलत बताया। उधर हंगामा की सूचना पर मौके पर पहुंची बरियातु थाने की पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत किया।

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