तेलंगाना के नलगोंडा जिले में लोगों की हत्या के बाद इसे सड़क हादसे का रूप देकर जीवन बीमा से फर्जीवाड़ा करने में संलिप्तता के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को इस बारे में बताया।सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह हत्या करने के लिए पीड़ितों के सीने पर जोरदार वार करता था और उनकी मौत के बाद विभिन्न गाड़ियों से शवों को कुचल देता था। नलगोंडा जिला के पुलिस अधीक्षक ए वी रंगनाथन ने कहा कि जालसाजों ने मृतकों के परिवारों और अन्य लोगों से साठगांठ कर अलग-अलग बीमा कंपनियों के समक्ष 1.59 करोड़ रुपये का दावा किया।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी पूर्व में एक वित्तीय कंपनी में काम कर चुका है। उसने 2013-17 के दौरान अन्य आरोपियों के साथ साजिश कर ऐसे पांच मामलों में जालसाजी की। इस तरह के चार मामलों में लोगों की हत्या कर दी गयी और एक व्यक्ति की स्वाभाविक मौत को हादसा बताकर बीमा की रकम पर दावा किया।पुलिस के अनुसार ये जालसाज बीमार और शराब के लती लोगों को निशाना बनाते थे और उनके परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए राजी करते थे और फिर उनकी तरफ से रकम अदा कर टर्म बीमा पॉलिसी खरीद लेते थे।

पुलिस ने बताया कि पॉलिसी धारक की हत्या के बाद आरोपी इसे हादसे में मौत का रूप देते थे और बीमा कंपनी के रकम पर दावा करते थे। बीमा की रकम मिलने के बाद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों को भी इसमें हिस्सेदारी दी जाती थी। यह मामला तब उजागर हुआ जब 24 फरवरी को पुलिस को सूचना मिली की एक व्यक्ति की हत्या हुई है लेकिन ऐसे दिखाया गया कि सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हुई।

पुलिस ने जांच शुरू की और चिकित्सा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि हमले में चोट लगने के कारण व्यक्ति की मौत हुई। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गयी और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने बीमा कंपनी, जांच अधिकारी, एजेंट, बैंक के अधिकारी तथा कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की।

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