Right News

We Know, You Deserve the Truth…

दौरे के बाद धर्मपुर में आये कोरोना के सर्वाधिक 108 मामले, मन्त्री पर दर्ज हो एफआईआर- भूपेंद्र सिंह

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जहां प्रदेश भर में 6 मई से कोरोना कर्फ़्यू और धारा 144भी लगाई है और 10 मई से और सख़्त पाबन्दी लागू की हैं। जिसके चलते एक स्थान पर पांच से ज़्यादा लोग इकठ्ठे नहीं हो सकते हैं। लेकिन ये शर्तें जलशक्ति मन्त्री पर लागू नहीं होती हैं जो बड़ी हैरानी और गैर कानूनी बात है। सरकार के फैसले को सरकार के ही सबसे वरिष्ठ मन्त्री ठाकुर महेंद्र सिंह नहीं मान रहे हैं और उनका जनसंपर्क अभियान 7 मई से पूरे सरकारी अमले के साथ जारी रखे हुए हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता व पूर्व ज़िला परिषद भूपेंद्र सिंह ने सरकार व प्रशासन से धारा 144 की उलंघन्ना करने के जुर्म में मन्त्री के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मन्त्री गत तीन दिनों से विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के नाम पर सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ गाड़ियों के काफ़िले के साथ दौरे पर हैं। जिसके चलते उन्होंने धर्मपुर, संधोल, टिहरा व मंडप तहसीलों में भ्रमन जारी रखा हुआ है और कोरोना कर्फ़्यू व धारा 144 को लागू करवाने वाला प्रशानिक अमला उनके साथ उनको एस्कार्ट करने के लिए मजबूर है जबकि यही अधिकारी आम जनता के चालान काटने व अन्य बंदिशें लगाने के लिए काम कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने इसे बहुत ही गैर जिमेदारना कार्यशैली बताया है और उनके दौरे के बाद धर्मपुर में आज तक के सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले आये हैं जिनकी संख्या 108 है।जिसके चलते धर्मपुर सी एच सी के अंतर्गत 53 स्योह में 24 संधोल में 12 सजाओ में 7 पेहड़ में 5 परसदा हवानी में 3 मंडप में 2 और टिहरा और मढ़ी में एक एक मामले आये हैं। सबसे ज़्यादा चिन्तनीय और निन्दनीय बात ये है कि मन्त्री और उनके परिवार की हर गैर कानूनी कार्यवाई के आगे मुख्यमंत्री भी हथियार डाल चुके हैं और प्रशसनिक ढांचा सरकार के निर्देशों को लागू करने में असहाय नज़र आ रहा है। कुल मिलाकर ये मन्त्री साहब न क़ानून को मानते हैं और न ही मंत्रिमंडल व मुख्यमंत्री के फैसलों को मानते हैं।इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में कौन सा क़ानून व फ़ैसला लागू होता है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिस क्षेत्र में मन्त्री ने दो दिन पहले धर्मपुर तहसील में दौरा किया था वहां पर पिछले कल हुये कोरोना टेस्टों में सैंकड़ों लोग पॉजीटिव निकले हैं और संधोल तहसील में पहले ही ये संक्रमण पूरी तरह फैला हुआ है और मन्त्री ने जब वहां पर परसों दौरा किया तो स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के बजाये सैप्टिक टैंकों का निरीक्षण किया। जबकि संधोल में कोरोना के मरीजों को दवाई नहीं मिल रही है और सबको विभाग सप्ताह के बजाये दो दो दिन की दवाईयाँ दे रहा है। लेकिन मन्त्री को अगले साल होने वाले चुनाव नज़र आ रहे हैं और उससे पहले कौन कौन से उदघाटन समारोह करने हैं उसे ध्यान में रख कर दौरे हो रहे हैं।

भूपेंद्र सिंह ने मन्त्री पर ये भी आरोप लगाया है उन्होंने टिहरा में 50 बिस्तरों का अस्पताल बनाने के लिए गत 24 फरवरी को अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री से टिहरा में घोषणा करवाई थी लेकिन एक साल इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और अब दो दिन पहले नया शगुफ़ा टिहरा में छोड़ गये की बड़े अस्पताल के लिए कोई और जगह ढूंढो। जिसके चलते अब स्थानीय लोगों को अगले विधानसभा चुनावों तक काम पर लगा दिया गया और इस बहाने वे बिना कुछ किये हुए जनता को ठगते रहें और अगली बार फ़िर वोट ले सकें। इस प्रकार इन मन्त्री साहब के लिए कोरोना महामारी का समय भी राजनीति करने के लिए एक सुनहरा अवसर है जिसे वे क़ानून तोड़ कर भी इस्तेमाल करने में लगे हुए हैं और उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है और पूरी तरह से उनकी मनमर्ज़ी व क़ानून तोड़ने वाला जंगलराज क़ायम है।

error: Content is protected !!