हिमाचल के जिला सोलन के अर्की में कोरोना के चलते दम तोड़ने वाले एक बाबा को प्रशासन को बिना सूचना दिए समाधि दे दी गई। इसमें कोविड-19 अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल की अवहेलना के चलते 14 लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस थाना अर्की में मामला एसडीएम अर्की विकास शुक्ला के शिकायत पत्र के आधार पर दर्ज किया गया है। उधर, नगर पंचायत के अध्यक्ष अनुज गुप्ता के अनुसार कोरोना महामारी की भयावहता व स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने मौखिक तौर पर व ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रशासन को सूचित किया था। साथ ही समाधि के समय उपस्थित लोगों को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। शिकायत पत्र के अनुसार नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप में डाले मैसेज से पता चला कि अर्की क्षेत्र के एक मंदिर में रह रहे बाबा की मृत्यु सोलन के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 के चलते हुई है। मृत्यु के बाद बाबा के शव को समाधि के लिए मंदिर में लाया गया था। मंदिर में धार्मिक रीति रिवाज से बाबा को समाधि दी गई। इस बारे प्रशासन को सूचना नहीं दी गई थी। प्रशासन को बिना सूचना दिए और बिना किसी सुरक्षा उपायों के बाबा को समाधि देकर कोविड-19 मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए बनाए नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला का कहना है कि नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता की सूचना के आधार पर 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि ज्यादा लोग एकत्रित ना हो इसलिए इन लोगों ने प्रशासन को सूचित किए बिना जल्दी ही बाबा को समाधि दी, लेकिन इस दौरान इन्होंने कोविड 19 के नियमों का उल्लंघन किया, जिसके फलस्वरूप मामला दर्ज कर दिया गया हैं।

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