India News: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के पावन पर्व पर चाइनीज मांझे ने कई परिवारों में कोहराम मचा दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पतंग की जानलेवा डोर की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। नायलॉन से बना यह मांझा प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में चोरी-छिपे बिक रहा है। इंदौर, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में हुए इन हादसों ने प्रशासन की सख्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई कोर्ट ने अब इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अभिभावकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
खूनी डोर का कहर: 4 राज्यों में मौत का तांडव
मकर संक्रांति की धूम के बीच कई घरों के चिराग बुझ गए। मध्य प्रदेश के इंदौर में रघुबीर धाकड़ (45) अपनी बाइक से जा रहे थे। रास्ते में अचानक नायलॉन का मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। अधिक खून बहने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बुधवार का दिन दोहरे मातम का रहा। यहाँ पतंग की डोर से गर्दन कटने के कारण एक शिक्षक की मौत हो गई। इस घटना के एक घंटे के भीतर ही बाइक चला रहे एक अन्य युवक की जान भी इसी खूनी मांझे ने ले ली।
कर्नाटक के बीदर में भी एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। 48 वर्षीय संजूकुमार होसमणि मकर संक्रांति मनाने के लिए अपनी बेटी को हॉस्टल से लाने जा रहे थे। रास्ते में चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन काट दी। उन्होंने खून से लथपथ हालत में बेटी को फोन करने की कोशिश की, लेकिन एम्बुलेंस आने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं।
हाई कोर्ट का सख्त आदेश: माता-पिता पर होगी कार्रवाई
चाइनीज मांझे से हो रही मौतों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त नाराजगी जताई है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई नाबालिग प्रतिबंधित मांझे से पतंग उड़ाता पकड़ा गया, तो उसके माता-पिता कानूनी रूप से जिम्मेदार होंगे।
अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि प्रतिबंध के बाद भी अगर कोई मांझा बेचता या इस्तेमाल करता है, तो पुलिस उस पर कड़ी कार्रवाई करे। ऐसे लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने साल 2025 की शुरुआत में हुई इन घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया है।
बैन के बावजूद धड़ल्ले से हो रही बिक्री
चाइनीज मांझे का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस ने पिछले साल कई राज्यों में छापेमारी कर भारी मात्रा में यह जानलेवा डोर जब्त की थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जून 2025 में हरियाणा के गुरुग्राम से चार लोगों को यह मांझा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने भी जुलाई में एक विशेष अभियान चलाया था। इसमें एक हफ्ते के अंदर 1,200 से ज्यादा प्रतिबंधित मांझे के रोल जब्त किए गए थे। वहीं, पंजाब पुलिस ने जनवरी 2025 में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 81,000 बंडल मांझा पकड़ा और 90 एफआईआर दर्ज कीं। बावजूद इसके, मुनाफे के लालच में यह खूनी खेल जारी है।
