Health News: बढ़ती उम्र के साथ सेहत का गिरना एक आम बात है। शरीर में थकावट और कई बीमारियां घर कर लेती हैं। आयुर्वेद में विधारा नामक पौधे को ‘बुढ़ापे की लाठी’ माना गया है। यह साधारण सा दिखने वाला पौधा सेहत के लिए खजाने जैसा है। इसे वृद्धदारु भी कहते हैं। यह न केवल उम्र के असर को कम करता है, बल्कि शरीर को नई ऊर्जा से भर देता है। इस पौधे के औषधीय गुण कई गंभीर समस्याओं में राहत पहुंचाते हैं।
कमजोरी और थकावट होगी दूर
बुजुर्गों में अक्सर ऊर्जा की कमी देखी जाती है। विधारा का सेवन शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है। यह नसों और मांसपेशियों को अंदर से मजबूत करता है। इसके नियमित इस्तेमाल से सेहत में सुधार होता है और शरीर में ताजगी बनी रहती है। यह सुस्त पड़ी कोशिकाओं को फिर से सक्रिय कर देता है।
यौन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
आयुर्वेद के अनुसार विधारा यौन शक्ति बढ़ाने में बेहद असरदार है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों की यौन दुर्बलता को दूर करता है। यह प्रजनन तंत्र को जरूरी पोषण देता है। अच्छी सेहत और सुखी दांपत्य जीवन के लिए इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है।
इम्यूनिटी और पाचन तंत्र
विधारा की जड़ और पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह पेट से जुड़ी समस्याओं को ठीक करता है। पाचन तंत्र मजबूत होने से सेहत अच्छी रहती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
त्वचा और जोड़ों के दर्द में राहत
चेहरे पर मुंहासे या दाग-धब्बे होने पर विधारा का लेप जादुई असर दिखाता है। यह त्वचा के घावों को जल्दी भरता है। बुढ़ापे में जोड़ों का दर्द सेहत को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। विधारा की पत्तियों का लेप जोड़ों पर लगाने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है। इसकी जड़ का चूर्ण दूध के साथ लेने से भी दर्द कम होता है।
डॉक्टर की सलाह है जरूरी
किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें। विधारा की सही मात्रा ही सेहत को लाभ पहुंचाती है। विशेषज्ञ से पूछकर ही इसका इस्तेमाल शुरू करें।
