संतोषगढ़ पर किसान संघर्ष मोर्चा ने किया धरना प्रदर्शन, सरकार से महंगाई पर रोक लगाने की मांग

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संतोषगढ़ में किसान संघर्ष मोर्चे के आहवान पर हिमाचल किसान सभा ने महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिसमे उन्होंने भाजपा शासित केंद्र व राज्य सरकार को बढ़ रही मंहगाई का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा की देश व प्रदेश में लोग बढ़ रही महंगाई की वजह से त्राहि त्राहि कर रहे है। भाजपा सरकार के राज में देश व प्रदेश में महंगाई चरम पर है। सभी आवश्यक वस्तुओ की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। सरकार की नीतियों के चलते रोजगार का गम्भीर संकट पैदा हो गया है। कोविड-19 महामारी से पैदा हुई आपदा में भाजपा सरकार ने फिर भले ही वह केन्द्र की सरकार हो या फिर हिमाचल प्रदेश सरकार दोनों ने ही आम जनता की मदद की बजाए उन पर महगाई का और बोझ डाल दिया है। मोदी सरकार ने 2 मई 2021 को विधानसभा चुनाव के नतीजो के बाद आज तक पेट्रोलियम उत्पादों के दामो में कम से कम 24 बार बढ़ोतरी कर आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया है। जिससे देश के कई हिस्सों में पेट्रोल के दाम 100 रुपए को पार कर चुके है। इसके साथ ही डीजल की कीमतों में भी भरी बढ़ोतरी की गई है। रसोई गैस सिलेंडर जो 2014 में लगभग 400 रुपए का मिलता था, वही सिलेन्डर इनके आने से लगातार महंगा होता गया और आज 2021 में दोगुने से भी ज्यादा लगभग 900 का मिलता है, खाद्य वस्तुयों दालो व खाद्य तेल की कीमतों में रिकोर्ड वृद्धि हुई है और आज सरसों का तेल 200 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

इससे साधारण परिवार के लिए खाना बनाना और खाना सिर्फ मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन हो गया है। मुद्रास्फीति की दर में भारी वृद्धि हुई है और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) बढ़कर 12.5 प्रतिशत पहुँच गया है जोकि 11 वर्षो में अपने शीर्ष पर है। खुदरा महंगाई दर में भी भारी उछाल है और यह 6 प्रतिशत से ऊपर है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार में महंगाई लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओ की कीमतों में निरंतर वृद्धि की जा रही है। कोविड महामारी के कारण पैदा संकट में जहा सरकार को राहत प्रदान करनी चाहिए थी, वहीं प्रदेश में बिजली, पानी, बस सेवाओं की दरों में भारी वृद्धि कर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। राशन के डिपुओ में भी राशन की कीमतों में सरकार ने भारी वृद्धि की है। डिपुओ में मिलने वाले सरसों के तेल की कीमत 160 रु लीटर तक पहुंचा दी गई है।

भाजपा सरकार की आम जनविरोधी व कार्पोरेट घरानों को लाभ देने वाली नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था गहरी मंदी में है और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। लोगो की खरीदने व खर्च करने की क्षमता घट गई है और भुखमरी निरंतर बढ़ रही है। सरकार जमाखोरी व कालाबजारी करने वालों को सरंक्षण दे रही है। इस कोविड महामारी से पैदा आपदा में भी आवश्यक दवाओं व स्वास्थ्य उपकरणों की कालाबजारी पर सरकार रोक नहीं लगा पाई है। अगर सरकार महंगाई पे लगाम नहीं लगती है तो किसान सभा गांव-2 जाकर लोगो को किसानों को साथ लेकर भाजपा के मन्त्रियों का घेराव करेगी और उन्हें बढ़ रही कीमतों को वापिस लेने पे मजबूर करेगी।

इस अवसर पर हिमाचल किसान सभा ऊना के उपप्रधान रंजित सिंह, सीटू के जिला सचिव गुरनाम सिंह मजारा, सुरिंदर कुमार, सतीश, मनोज, माजिद, जोगा सिंह, मल्कियत सिंह, रंजित सिंह, नरिंदर सिंह, विजय कुमार, वल्बिंदर कोर, मंजीत कोर, विजय कुमार, सुखदेव सिंह, निर्मल कौर, रणजीत कौर, अमनदीप कौर, अवतार कौर, दर्शन कौर, बलबीर कौर, गुरमीत सिंह, हरनीत कौर, दलबीर सिंह, हरभजन सिंह आदि मौजूद रहे।

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