कृषि अध्यादेश किसान मजदूर व वकील विरोधी है- अधिवक्ता रजनीश शर्मा

हिमाचल प्रदेश में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस व पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा धोखाधड़ी जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के द्वारा बिजली के ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित व विस्थापित लाखों किसानों की आवाज को बुलंद करने के लिए टावर लाइन शोषित जागरुकता मंच, हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय किसान आंदोलन जो संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में कृषि अध्यादेशों को खारिज करने हेतु हिमाचल के किसानों की तरफ से किसान आंदोलन को अपना जनसमर्थन देने हेतु, किसान नेता राकेश टिकैत को हिमाचली टोपी पहना कर सम्मानित किया।उनको आश्वासन दिया इस आंदोलन में हिमाचल प्रदेश के किसान भाग लेंगे तथा हर प्रकार से इस आंदोलन की मजबूती के लिए सहयोग करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा हिमाचल द्वारा श्री नैना देवी जी विधानसभा के जुखाला क्षेत्र के सैकड़ों प्रभावित किसानों ने राष्ट्रीय किसान आंदोलन को समर्थन के लिए तथा दिल्ली चलो अभियान के तहत तारा दिन तक क्रमिक धरना प्रदर्शन भी किया है। जिस कमी धरने पर राष्ट्रीय किसान आंदोलन की समन्वय समिति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर युद्धवीर सिंह ने भारतीय किसान यूनियन की तरफ से हिमाचल प्रदेश के ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित हुआ, विस्थापित किसानों के गंभीर व संवेदनशील विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का भी आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस द्वारा कुल्लू से लुधियाना तक गैरकानूनी तरीके से धोखाधड़ी व अपराधिक षड्यंत्र के द्वारा बिछाई गई बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे हिमाचल प्रदेश के किसानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है, जिसमें आवासीय घरों दुकानों गौशालाओं तारों के नीचे खराब हुई भूमि के अधिग्रहण व उचित मुआवजा हेतु लंबे समय से कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय जांच आयोग विघटित कर निष्पक्ष जांच आयोग गठित करवाने कि मांग उठाते रहे हैं।

इस मौके पर मंच के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजनीश शर्मा व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी इंदर भी विशेष तौर पर मौजूद थे, स्वामी इंद्र ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 15 लाख से अधिक परिवार बिजली के ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे भूमि अधिग्रहण ना होने की वजह से प्रभावित हैं तथा लाखों ऐसे भी लोग हैं जिनके घरों बल्कि अब जमीन गौशालाओं के ऊपर से खतरनाक बिजली की ट्रांसमिशन लाइन ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की अवहेलना कर गैरकानूनी तरीके से बिछाई गई है।

स्वामी इंदर ने हिमाचल सरकार के मौजूदा मुख्यमंत्री से ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लागू करने के लिए विधानसभा स्तर पर विशेष कानून बनाने की मांग को स्वीकार करने के लिए कहा है क्योंकि उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव में उक्त मुद्दे को प्रदेश की 8 विधानसभाओं के भाजपा उम्मीदवारों के चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया था तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा वर्ष 2017 में इस संवेदनशील विषय को प्रदेश की विधानसभा में विपक्ष में रहते हुए पुरजोर तरीके से उठाया था इसलिए मुख्यमंत्री तथा सरकार को हिमाचल प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि सरकार बनने के बाद आखिर लाखों गरीब मजदूर किसानों की भूमि अधिग्रहण की मांग व उचित मुआवजा निर्धारण के लिए विशेष कानून तुरंत लाने के लिए क्यूं कदम नहीं उठाए हैं, उन्होंने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश स्तर पर किसान आंदोलन को मजबूत कर हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ किसानों की संवैधानिक अधिकारों तथा भूमि अधिकारों की जायज आवाज को मजबूत किया जाएगा।

मंच के राष्ट्रीय संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता रजनीश शर्मा के द्वारा किसान नेता राकेश टिकैत को किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए हिमाचल की तरफ से आश्वस्त किया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में लगभग 15 लाख से ज्यादा बिजली के ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित किसान राकेश टिकैत तथा संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे तथा सरकार द्वारा बनाए गए जन विरोधी नीतियों काले कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश से बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित व विस्थापित किसानों का जन काफिला आंदोलन में शामिल करवाया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ हिंदुस्तान के सभी राज्य में बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित व विस्थापित किसानों की भूमि अधिग्रहण की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में सहयोग व जन समर्थन करने वाले सभी प्रगतिशील व सामाजिक लोगों व हिमाचल प्रदेश के साथ साथ बिलासपुर के प्रिंट मीडिया के सहयोग व आशीर्वाद के लिए आभार:
ग्लोबल ज्यूरिस्ट
राष्ट्रीय किसान आंदोलन को अपना जन समर्थन जरुर दें।

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