केंद्र सरकार द्वारा पारित के कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 5वां दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आज किसान दिल्ली के 5 एंट्री पॉइंट्स को सील करने की तैयारी में हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है।

केंद्र सरकार चाहती है कि सभी किसान बुराड़ी पहुंचें और वहां बातचीत की जाए। उधर किसानों ने रविवार को कहा था कि बुराड़ी नहीं जाएंगे और दिल्ली की घेराबंदी के लिए 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। किसानों के नेता बलदेव सिंह सिरसा ने एलान किया है कि हमारे पास इतना राशन है कि 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े तो बैठ लेंगे। उधर गाजियाबाद बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से झड़प होने की भी खबर है। जबकि आज वहां किसान भजन-कीर्तन करते नजर आए है। केंद्र सरकार किसानों को रोकने के लिए अपनी योजना बनाने में जुटी है। इन्हीं योजनाओं को बनाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर रविवार रात बैठक है।

किसान आंदोलन के चलते हर जगह का नजारा मिनी पंजाब जैसा हो गया है। किसानों ने ट्रॉलियों को घर बना लिया है और खुले में खाना बन रहा है और वही नहाने और कपड़े धोने का इंतजाम किया गया है। किसानों ने जगह-जगह लंगर लगाए हैं। किसानों का तालमेल देखते ही बन रहा है। धरने वाले धरने पर बैठे हैं। खाना बनाने वाले खाना बना रहे हैं। सभी पूरी निष्ठा से अपना अपना काम कर रहे है।

किसान संगठनों के 3 ऐलान
1. किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा- सरकार ने यह शर्त रखी थी कि हम हाईवे खाली कर बुराड़ी जाएं। शर्त अपमानजनक है। हम बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे, क्योंकि वह ओपन जेल है। इसका सबूत भी है हमारे पास। उत्तराखंड के तेजिंदर सिंह विर्क की अगुआई में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते थे। दिल्ली के प्रशासन और पुलिस ने उनके साथ धोखा किया। उन्हें जंतर-मंतर न ले जाकर बुराड़ी पार्क में कैद कर दिया।
2. सिरसा ने कहा- हम ओपन जेल में जाने की बजाय सोनीपत, रोहतक के बहत्तर गढ़, जयपुर से दिल्ली हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, गाजियाबाद से आने वाला हाईवे जाम करेंगे और दिल्ली की घेराबंदी करेंगे। 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। हमने रहने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को घर जैसा बना रखा है। हम लंबे दौर की तैयारी करके आए हैं।
3. किसानों ने कहा कि हमने एक कमेटी बनाई है। यही पांचों पॉइंट्स पर धरने-प्रदर्शन का संचालन करेगी। किसी भी राजनीतिक दल को स्टेज पर बोलने की इजाजत नहीं है। कांग्रेस, आप या कोई भी राजनीतिक दल के लोग हमारे स्टेज पर स्पीकर के तौर पर नहीं बोलेंगे। इनके अलावा दूसरे संगठनों के जो संचालन कमेटी के तय नियमों को मानेंगे, उन्हें बोलने की इजाजत दी जाएगी।

किसान बुराड़ी गए अपने सभी साथियों को वापिस बुलाने का प्रबंध कर रहे है। उधर  बुराड़ी में किसानों का एक ग्रुप पहले से ही धरने पर जुटा हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों को कहा था कि किसान बुराड़ी मैदान में आएं। वही किसानों से बात की जाएगी। किसान संगठन पहले ही कह चुके हैं कि वे दिल्ली घेरने आए हैं, न कि दिल्ली में घिर जाने के लिए।

यूनियन होम सेक्रेटरी अजय भल्ला ने पंजाब के 32 किसान यूनियनों को बातचीत के लिए दिल्ली के बुराड़ी बुलाया था। उन्होंने बताया कि जैसे ही किसान बुराड़ी शिफ्ट होंगे, अगले ही दिन सरकार विज्ञान भवन में किसानों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों के बीच चर्चा के लिए तैयार है। इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा था कि सरकार तय दिन 3 दिसंबर से पहले भी किसानों से बातचीत के लिए तैयार है।

By RIGHT NEWS INDIA

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