मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल में काफी समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थिति बिगड़ती देख मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान गुस्साए ग्रामीण पुलिस कर्मियों से भी उलझ पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मामला शांत किया। जानकारी के अनुसार मंगलवार को गोगा (45) पुत्र चतरो निवासी मट साहो अपने घर के निकट अचानक गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर गहरी चोटें आई थीं। परिजन उसे उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र साहो ले गए, वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने ‌उसे मेडिकल कॉलेज चम्बा रैफर कर दिया। परिजन अपने निजी वाहन में घायल को मेडिकल कॉलेज ले आए। यहां पर उसने दम तोड़ दिया।

समय पर उपचार न मिलने के कारण हुई मौत

परिजनों का आरोप है कि समय पर उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हुई है। अगर घायल को समय रहते उपचार मिल जाता तो शायद जान बच जाती। हेमराज ने बताया कि गोगा उनके मामा थे। समय रहते इलाज न होने के कारण उनकी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि जब उसके मामा को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया तो काफी समय तक उनकी जांच नहीं की गई। जब मौत हो गई तो चिकित्सकों ने कहा कि टांडा ले जाओ। इसके चलते गुस्साए परिजन डीसी के पास उनके आवास पर पहुंच गए और उनसे मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने का आग्रह किया। डीसी ने एडीसी को मौके पर भेज दिया। इसके अलावा पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची थी। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। बुधवार को मेडिकल कॉलेज चम्बा में मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

नहीं मिली 108 एम्बुलैंस, निजी वाहन में अस्पताल पहुंचाया घायल

हेमराज ने बताया कि 108 एम्बुलैंस न मिलने के कारण उन्हें घायल को निजी वाहन में अस्पताल पहुंचाना पड़ा। जब घायल को मैडीकल कॉलेज चम्बा रैफर किया तो उन्होंने 108 पर कॉल की थी, लेकिन दो घंटे तक एम्बुलैंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते उन्हें निजी वाहन हायर करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपात स्थिति में मरीजों की सुविधा के लिए 108 एम्बुलैंस सेवा शुरू की है, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा के प्राचार्य डाॅ. रमेश भारती ने कहा कि मरीज की हालत नाजुक बनी हुई थी। सिर में गहरी चोट लगने के कारण वह कोमा में था। चिकित्सकों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। उसके फेफड़ों में ट्यूब डाली गई। इसके अलावा हरसंभव उपचार देने की कोशिश की, लेकिन इस बीच लोगों ने हंगामा कर दिया। इसके चलते पुलिस बुलानी पड़ी। अब पुलिस मामले की जांच करेगी। डीसी चम्बा दुनी चंद राणा ने कहा कि एडीसी को मौके पर भेजा गया था। इसके अलावा पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं थाना प्रभारी, सदर चम्बा सकीनी कपूर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले को शांत किया। इस संबंध में जांच चल रही है।

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