चार दिन पहले 85 साल के एक बुजुर्ग को परिजन आईजीएमसी शिमला के पास लावारिस हालात में छोड़ गए. अब शिमला पुलिस बजुर्ग के लिए मसीहा बनी और उसकी घर वापसी करवाई। दर-दर की ठोकरे खा रहे बुजुर्ग व्यक्ति को अब बेटी और दामाद लेने आईजीएमसी शिमला पहुंचे और बुजुर्ग को साथ ले गए। मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का है।

दरअसल, बुजुर्ग व्यक्ति तेलू राम गांव चौकी डोवी कुल्लू का रहने वाला है। 4 दिन पहले परिजन उसे इलाज के बहाने शिमला लाए और यहां अकेला छोड़कर फरार हो गए। बाद में किसी ने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान बुजुर्ग आईजीएमसी शिमला में इधर-उधर भटक रहा था। बुजुर्ग की आंखों की रोशनी भी काफी कम है। ऐसे में शिमला पुलिस ने बुजुर्ग के परिवार को ढूंढा और उसकी मदद की।

शिमला पुलिस ने कुल्लू पुलिस को सूचना दी और वहां से एक पुलिस कर्मी दामाद और बेटी के साथ आया। थाना सदर कुल्लू के माध्यम से बुजुर्ग व्यक्ति के घर वालों का पता किया गया। उसके बाद बुजुर्ग व्यक्ति का दामाद, बहू व एक आरक्षी थाना कुल्लु से आईजीएमसी में पहुंचे। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति के पास एचआरटीसी का बस पास है और सरकार से पेंशन भी मिलती है। इसकी आंखों की रोशनी करीब 15 से 18 साल पहले चली गई थी। बुजुर्ग का डॉक्टरों से चेकअप करवाया गया है।

पुलिस ने आर्थिक सहायता देने की मदद पुलिस ने परिवार को बुजुर्ग की हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। बुजुर्ग तेलू राम को बस स्टैंड तक छोड़ने के लिए एंबुलेंस मुहैया करवाई गई और उसे घर भेजा गया है। यहां तक उनकी सहायता के लिए मंडी की एक संस्था भी आगे आई थी, जोकि बुजुर्ग का ऑपरेशन तक करवाना चाहती है।

error: Content is protected !!