पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामलों से हिमाचल में भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि पंजाब में कई शहरों में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया गया है। आपको बता दें कि पंजाब में एक ही दिन में शनिवार को कोरोना के 1503 नए मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। ऊना जिला के साथ लगते होशियारपुर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक ही दिन में 209 तक पहुंच गई है। जालंधर में इसी दिन 6 मरीजों की मौत हुई। यानी खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हिमाचल के साथ लगते क्षेत्रों में कोरोना की बढ़ती हुई रफ्तार कहीं न कहीं हिमाचल के लिए खतरे की घंटी है। स्थिति बॉर्डर एरिया ऊना की भी कोई अच्छी नहीं है। शनिवार को यहां एक साथ 28 लोग पॉजिटिव आए थे, जिनमें से एक निजी कम्प्यूटर सैंटर तथा सरकारी स्कूल के छात्र भी शामिल हैं।

साथ ही आपको बता दें की हिमाचल के जिला ऊना में पिछले 8 दिनों में 113 लोग पॉजिटिव आए हैं। यह क्रम निरंतर जारी है लेकिन दूसरी तरफ न तो कोई मास्क लगा रहा है और न कोविड नियमों का पालन कर रहा है। तमाम प्रकार के कायदों को दरकिनार कर लोग धार्मिक स्थलों और समारोहों में शिरकत कर रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोरोना नैगेटिव की रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है लेकिन लाखों श्रद्धालुओं के बीच इन रिपोर्ट्स की जांच कौन करेगा? कौन व्यवस्था देखेगा और किस प्रकार से पंजाब से आए हुए श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया जाएगा। यह बड़ा सवाल सभी के सामने है। हालांकि पिछले साल मार्च में यह मेला टाल दिया गया था। अधिकतर लोगों की राय अभी भी यही है कि खतरे के बीच मेले के आयोजन पर पुनर्विचार किया जाए।

होला मोहल्ला मेला भी चलेगा 10 दिन
इसी प्रकार सबसे बड़ा होला मोहल्ला मेला भी ऊना जिला में मनाया जाता है। 21 से 31 मार्च तक होने वाले इस सालाना मेले में जिला ऊना से मिनी पंजाब नजर आता है। औसतन 10 से 20 लाख श्रद्धालु इस मेले में माथा टेकने के लिए आते हैं। चिंता का विषय यह है कि पंजाब में बढ़ते हुए कोरोनो के मामलों के बीच यदि यह मेले का आयोजन हुआ तो बड़ा विस्फोट न केवल ऊना बल्कि हिमाचल में होगा, जिसका खमियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रालों में सवारियों ढोने पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसा करने वाले वाहन मालिकों पर हिमाचल प्रवेश द्वार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी और उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल बसें लगाई जाएंगी। इसके लिए एचआरटीसी के अन्य डिपुओं से 20 अतिरिक्त बसें मंगवाई गई हैं। यद्यपि प्रशासन ने यह एडवाइजरी जारी तो कर दी है लेकिन वर्षों से जारी होने वाली इस एडवाइजरी का कोई फर्क नजर नहीं आता। पंजाब से इतनी संख्या में ट्रालियां और ट्रक पहुंचते हैं कि प्रशासन की व्यवस्थाएं तक हांफ जाती हैं और अंतत: उन्हें आगे बढ़ने दिया जाता है।

दियोटसिद्ध आते हैं पंजाब व अन्य राज्यों के श्रद्धालु
खतरा यह भी है कि इसी मार्च महीने में हमीरपुर स्थित दियोटसिद्ध में बाबा बालक नाथ का एक माह तक चलने वाला मेला भी शुरू हो चुका है। इस मेले में ऊना से होते हुए लाखों की संख्या में पंजाब व अन्य राज्यों से श्रद्धालु दियोटसिद्ध पहुंचते हैं। ऊना जिला के धार्मिक स्थल पीरनिगाह में माथा टेकने के बाद यह श्रद्धालु आगे बढ़ते हैं।

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