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Excess Protein Cause Weight: क्या ज्यादा प्रोटीन लेना बढ़ा सकता है वजन? एक्सपर्ट से जानें पूरी सच्चाई

Excess Protein Cause Weight: फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ लोग अपनी डाइट में प्रोटीन सप्लीमेंट्स शामिल कर रहे हैं। कई लोग शिकायत करते हैं कि प्रोटीन लेने के बाद उनका वजन कम नहीं हो रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वजन बढ़ने का सीधा कारण प्रोटीन नहीं बल्कि कैलोरी का असंतुलन है। जब शरीर को जरूरत से ज्यादा ऊर्जा मिलती है तो वह वसा के रूप में जमा हो जाती है।

प्रोटीन को शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक कहा जाता है। यह मांसपेशियों के निर्माण के अलावा त्वचा, बाल और नाखूनों की मरम्मत करता है। यह हार्मोन्स बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों और मांसपेशियों को सहारा देने के लिए भी प्रोटीन आवश्यक है। इसलिए संतुलित मात्रा में इसका सेवन जरूरी है।

अतिरिक्त प्रोटीन का शरीर पर प्रभाव

शरीर में प्रोटीन संग्रहित करने की कोई व्यवस्था नहीं होती। आवश्यकता से अधिक प्रोटीन शरीर ग्लूकोनियोजेनेसिस प्रक्रिया के माध्यम से ग्लूकोज या वसा में परिवर्तित कर देता है। यदि इसका पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पाता तो अतिरिक्त कैलोरी शरीर में वसा के रूप में जमा हो जाती है। इस प्रकार अधिक प्रोटीन वजन बढ़ा सकता है।

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प्रोटीन के साथ यदि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जाए तो लीन बॉडी मास बढ़ता है। इस स्थिति में वजन बढ़ता है लेकिन यह मांसपेशियों का वजन होता है न कि वसा। यदि कोई शारीरिक गतिविधि किए बिना अधिक प्रोटीन लेता है तो यह ऊर्जा वसा के रूप में संचित हो जाती है। इसलिए प्रोटीन का सेवन शारीरिक गतिविधि के अनुसार ही करना चाहिए।

किडनी स्वास्थ्य पर प्रभाव

प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के दौरान शरीर में नाइट्रोजन बनाता है जिसे किडनी को बाहर निकालना होता है। अधिक प्रोटीन और अपर्याप्त पानी के सेवन से किडनी पर दबाव पड़ सकता है। प्रोटीन लेने वाले लोगों को हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञ प्रतिदिन ढाई से तीन लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं।

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एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 0.8 से 1 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के अनुसार प्रोटीन लेना चाहिए। एथलीट्स या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने वालों को 1.2 से 1.8 ग्राम तक की आवश्यकता हो सकती है। प्रोटीन की मात्रा उम्र, गतिविधि स्तर और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार निर्धारित करनी चाहिए।

प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोत

दालें, राजमा, चना, मूंग, सोया और टोफू प्रोटीन के उत्कृष्ट स्रोत हैं। दूध, छाछ और पनीर भी प्रोटीन से भरपूर हैं। क्विनोआ, बाजरा और ज्वार जैसे अनाज भी प्रोटीन प्रदान करते हैं। मांसाहारी लोग चिकन, मछली और अंडे का सेवन कर सकते हैं। संतुलित आहार के माध्यम से प्रोटीन की आवश्यकता पूरी की जा सकती है।

प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। प्रोटीन की अधिक मात्रा से डिहाइड्रेशन और मेटाबॉलिक असंतुलन की समस्या हो सकती है। इसलिए संतुलित मात्रा में ही प्रोटीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

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