पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का शरीर पंचतत्व में विलीन, विक्रमादित्य ने दी मुखाग्नि

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हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का तत्वों में विलय हो गया है। उनका अंतिम संस्कार शिमला जिले के रामपुर बुशहर में उनके पैतृक शहर में किया गया। उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने शाम लगभग 4.30 बजे उनके शरीर को अग्नि दी। इससे पहले करीब पौने तीन बजे उनके पार्थिव शरीर को पदम पैलेस से जौगनी बाग स्थित श्मशान घाट लाया गया। विक्रमादित्य सिंह ने स्वयं पिता के शरीर को कंधा दिया था। पूरे रास्ते लोग घरों की छतों से फूल बरसाते नजर आए। भावुक लोगों ने अपने प्रिय नेता को आखिरी बार नम आंखों से देखा और आंसुओं को विदा कर दिया। श्मशान घाट में हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर समेत कई नेता मौजूद रहे।

वीरभद्र सिंह के शरीर पर तिरंगा फहराया गया। उनके पार्थिव शरीर को एक विशेष प्रकार के ‘बमान’ में पदम पैलेस से श्मशान घाट लाया गया। शेरों के 12 मुख वाले इस ‘बमान’ को बनाने में कारीगरों को दो दिन का समय लगा। वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार जोगनी श्मशान घाट में किया गया। शाही परिवार के लिए बनाया गया यह इकलौता श्मशान घाट है। रामपुर में आम लोगों के लिए अलग से श्मशान घाट है। वीरभद्र सिंह के पूर्वजों का अंतिम संस्कार भी यहीं किया गया है। वीरभद्र सिंह के माता-पिता और रानियों के स्मारक भी यहां बनाए गए हैं।

शनिवार को छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश समेत कांग्रेस के कई नेता रामपुर पहुंचे और पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने भी पदम पैलेस में अंतिम दर्शन किए। बता दें कि हिमाचल में वीरभद्र सिंह के निधन पर 10 जुलाई तक राजकीय शोक घोषित किया गया है।

राहुल भी पहुंचे शिमला

इससे पहले शुक्रवार को लोगों के अंतिम संस्कार के लिए वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को रिज मैदान में रखा गया था। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें फूल चढ़ाए। जेपी नड्डा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बाद में कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी ने भी दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि दी। शिमला से लेकर रामपुर तक लोगों ने वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा कर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

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