Rajasthan News: राजस्थान इंटेलिजेंस की बड़ी कार्रवाई में मंगत सिंह नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उसे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। जयपुर सीजेएम कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। तीन दिन की रिमांड के दौरान एजेंसियों ने गहन पूछताछ की।
पूछताछ में बीएसएफ के एक जवान का नाम सामने आया है। व्हाट्सएप के नोडल ऑफिसर को भी एक नोट लिखा गया है। इससे विदेशी कनेक्शन और चैट की तकनीकी जांच की जाएगी। मामला गंभीर और संवेदनशील बताया जा रहा है।
तांत्रिक के भेष में चल रही थी जासूसी
मंगत सिंह खुद को तांत्रिक बताता था। वह लोगों के दुख दूर करने का दावा करता था। लेकिन असल में वह हनी ट्रैप और पैसों के लालच में फंस चुका था। वह पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। जांच में दो संदिग्ध आईडी सामने आई हैं।
ये आईडी ईशा शर्मा और एशिया बॉस के नाम से चल रही थीं। इनके आईपी एड्रेस पाकिस्तान से जुड़े मिले हैं। मंगत सिंह के मोबाइल से कई पेमेंट स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए हैं। ये सबूत जांच को नई दिशा दे रहे हैं।
ईशा बॉस का असली अस्तित्व अब तक रहस्य
इंटेलिजेंस एजेंसियों का कहना है कि ईशा बॉस का असली अस्तित्व अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस नाम का इस्तेमाल करके कई भारतीयों को निशाना बनाया गया था। विशेष लोक अभियोजक सुदेश कुमार ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि मंगत सिंह को फिलहाल जेल भेजा गया है। जरूरत पड़ने पर दोबारा रिमांड मांगी जाएगी। जांच एजेंसियां इस मामले की हर परत उघाड़ने में जुटी हैं। और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
अन्य संदिग्धों पर भी नजर
राजस्थान इंटेलिजेंस और सीआईडी ने कई अन्य संदिग्धों को निगरानी में लिया है। आने वाले दिनों में देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त अन्य लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। यह अलवर से जासूसी के आरोप में पहली गिरफ्तारी है।
हालांकि जैसलमेर और जोधपुर बॉर्डर पर ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। एजेंसियों का मानना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। देश विरोधी ताकतें लगातार सक्रिय हैं और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

