Entertainment News: नेटफ्लिक्स पर एक नई क्राइम थ्रिलर सीरीज ने धमाल मचा दिया है। यह सीरीज है ‘तस्करी (Taskaree)’। इसमें इमरान हाशमी ने मुख्य भूमिका निभाई है। सीरीज में कुल सात एपिसोड हैं। यह चौदह जनवरी को रिलीज हुई और तुरंत ही प्लेटफॉर्म पर टॉप ट्रेंड करने लगी। दर्शकों ने इसे सात दशमलव चार की रेटिंग दी है।
कहानी एक एयरपोर्ट कस्टम चेक से शुरू होती है। यहां कुछ संदिग्ध कूरियर पकड़े जाते हैं। यह मामला धीरे-धीरे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क तक पहुंच जाता है। इस नेटवर्क में भ्रष्टाचार और हाई-टेक तस्करी के तरीके शामिल हैं। कहानी में सस्पेंस शुरू से अंत तक बना रहता है।
कहानी का विस्तार और स्टार कास्ट
संसद में हंगामा होने के बाद सरकार एक विशेष अधिकारी नियुक्त करती है। यह अधिकारी प्रकाश के रूप में अनुराग सिन्हा हैं। वह मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी रोकने का काम संभालते हैं। प्रकाश अपनी एक खास टीम बनाते हैं। इस टीम में इमरान हाशमी, अमृता खानविलकर और नंदिश संधू शामिल हैं।
यह टीम एक बड़े स्मगलिंग सिंडिकेट का पीछा करती है। इस सिंडिकेट की जड़ें यूरोप और एशिया तक फैली हैं। सिंडिकेट का मुखिया बड़ा चौधरी है। इस किरदार को शरद केलकर ने बखूबी निभाया है। चौधरी एक चालाक और खतरनाक अपराधी है।
सीरीज की खास बात यह है कि इसमें बेवजह का एक्शन नहीं है। चौधरी को एक रणनीतिकार के रूप में दिखाया गया है। वह सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाता है। दूसरी ओर इमरान हाशमी का किरदार अर्जुन मीना उसकी ही चालों से मुकाबला करता है।
सीरीज का दिलचस्प प्लॉट ट्विस्ट
कहानी तब और रोमांचक हो जाती है जब एक एयर होस्टेस को गुप्त एजेंट बनाकर भेजा जाता है। इस एयर होस्टेस प्रिया का किरदार जोया अफरोज ने निभाया है। उसे पश्चिम एशिया के खतरनाक शहर अल डेरा में भेजा जाता है। वहां चौधरी का गैंग सक्रिय है।
यह दांव दर्शकों को हैरान कर देता है। यह प्लॉट ट्विस्ट सीरीज को आगे बढ़ाने का काम करता है। दर्शक अगले एपिसोड देखने के लिए उत्सुक हो जाते हैं। सीरीज में देशभक्ति और कर्तव्य की भावना भी मौजूद है। यह सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाती है।
डायरेक्टर की गहन शोध ने कहानी को विश्वसनीय बनाया है। तस्करी के विभिन्न तरीकों को वास्तविक तरीके से दिखाया गया है। इससे सीरीज कहीं भी उबाऊ नहीं लगती। हर एपिसोड नई जानकारी और नया रोमांच लेकर आता है।
तकनीकी पहलू और प्रतिक्रिया
सीरीज का क्लाइमैक्स दर्शकों को चौंका देता है। अंतिम एपिसोड तक सस्पेंस बरकरार रहता है। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर ने रोमांच को बढ़ाया है। सिनेमेटोग्राफी और लोकेशन भी प्रशंसा के पात्र हैं। अल डेरा के दृश्य विशेष रूप से प्रभावशाली हैं।
दर्शकों और समीक्षकों ने सीरीज की सराहना की है। इमरान हाशमी के अभिनय की विशेष तारीफ हुई है। शरद केलकर के विलेन के किरदार को भी पसंद किया गया है। सहायक कलाकारों ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई है। पूरी टीम का प्रयास स्पष्ट दिखता है।
सीरीज ओटीटी पर उपलब्ध है। इसे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा सकता है। यह उन दर्शकों के लिए आदर्श है जो रोमांचक और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी पसंद करते हैं। यह सीरीज पारिवारिक देखने के लिए भी उपयुक्त है। इसमें अनावश्यक हिंसा या अश्लील दृश्य नहीं हैं।
नेटफ्लिक्स पर भारतीय क्राइम थ्रिलर का यह एक सशक्त अतिरिक्त है। यह सीरीज उस विधा को समृद्ध करती है। आने वाले समय में ऐसी और सामग्री की मांग बढ़ सकती है। दर्शकों को क्वालिटी कंटेंट मिलना एक सकारात्मक संकेत है। यह सीरीज निश्चित रूप से देखने लायक है।

