यह बात अनुसूचित जाति /जनजाति सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दर्शन लाल ने सुंदर अगर में जारी प्रेस बयान के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के करसोग में महिला सफाई कर्मचारी के साथ जातिगत दुर्व्यवहार के साथ बदसलूकी का मामला अति निंदनीय है। उन्होंने कहा कि समाज में आधारभूत सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारियों की भावनाओं का दमन करना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में काम करने वाले हर कर्मचारी का आत्मसम्मान होता है। इस रूप में एक अधिकारी द्वारा महिला सफाई कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार की घटना संविधान और नैतिकता दोनों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था में हर व्यक्ति को आम जनता की सेवाओं के लिए बिठाया गया है। जिसका हमेशा व्यवस्था में काम करने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रहना चाहिए। कहा कि कानून की नजर में छोटे और बड़े पदों पर काम करने वाले सभी एक बराबर है ।कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं हो सकता है। प्रशासनिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपने आत्मसम्मान को सुरक्षित रखने के लिए अधिकार दिए गए हैं। कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ।जिसमें दोषी के खिलाफ उचित कार्यवाही अमल में लाई जानी चाहिए ।ताकि समाज में निश्चित रूप से प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा बनी रहे ।उन्होंने कहा कि इस संबंध में यदि उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो कर्मचारी संघ उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोपेगा।

error: Content is protected !!