हिमाचल प्रदेश सरकार आजादी के 73 सालों बाद भी प्रदेश के बच्चों को के संवैधानिक अधिकारों की पूरा करने में असमर्थ रही है। प्रदेश सरकार का सालाना शिक्षा बजट 8100 करोड़ से ज्यादा का है और हिमाचल में आज भी बच्चे अच्छी शिक्षा और अच्छी शैक्षणिक व्यवस्था से महरूम है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी 1632 स्कूल एक शिक्षक के सहारे चल रहे है और 1543 स्कूलों में एक शिक्षक पाँच कक्षाओं को पढ़ा रहे है। 6844 स्कूलों में महज दो अध्यापक है, 1622 स्कूलों में तीन अध्यापक और 544 स्कूलों में चार से छः अध्यापक सेवाएं दे रहे है। यह प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों के हालात है।

अगर हम मिडल स्कूलों की बात करें तो वहां भी स्थिति बेहद डरावनी है। 363 मिडल स्कूलों में दो अध्यापक और 703 मिडल स्कूलों में तीन अध्यापक अपनी सेवाएं दे रहे है।

यह खुलासा यू डाइस की 2019-20 की रिपोर्ट में हुआ है। अगर हम स्कूल की इमारतों की बात करे तो आपको जानकर हैरानी होगी कि 694 स्कूल महज एक कमरे में चल रहे है और 3199 स्कूल दो कमरों में चलाए जा रहे है। स्कूलों की इमारतों की स्थिति कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला में सबसे ज्यादा खराब है। यू डाइस की रिपोर्ट के मुताबिक 2921 प्राइमरी स्कूल दो कमरों में, 428 प्राइमरी, 261 मिडल स्कूल और 5 सीनियर सेकेंडरी स्कूल एक कमरे में चल रहे है।

अगर हम आज तक की सरकारों के थोड़े और कारनामों की बात करे तो चम्बा के तीन प्राइमरी स्कूल में एक भी अध्यापक नही है। सोलन और सिरमौर जिला की बात करें तो वहां एक एक प्राइमरी स्कूल में 11 से 15 अध्यापक भी है। प्रदेश में 27 प्राइमरी में 7 से 10 अध्यापक भी है। जिनमें 11 स्कूल सोलन में, 7 सिरमौर में, दो दो स्कूल शिमला और कुल्लू में, और एक एक स्कूल बिलासपुर, मंडी और ऊना में है।

प्रदेश में शिक्षा की स्थिति मंडी, कांगड़ा और प्रदेश की राजधानी वाले शिमला में सबसे खराब है। प्रदेश के कांगड़ा में 92, मंडी में 75, शिमला में 72, चम्बा में 59, सिरमौर में 54, बिलासपुर में 13, हमीरपुर में 4, किनौर में 11, लाहौल स्पीति में 19, सोलन में 14 और ऊना में 8 प्राइमरी स्कूल एक एक कमरे में चल रहे है। प्रदेश में मिडल स्कूलों की हालत भी ज्यादा अच्छी नही है। मंडी में 48, कांगड़ा सिरमौर में 46 और शिमला में 35 मिडल स्कूल एक कमरे में चल रहे है।

चार से छह कमरों वाले 4344 और तीन कमरों वाले 5300 स्कूल हैं। तीन कमरों में चल रहे 4017 प्राइमरी, 1125 मिडल, 141 सेकेंडरी और 17 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। चार से छह कमरों वाले 3069 प्राइमरी, 304 मिडल, 689 सेकेंडरी और 282 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। सात से दस कमरों वाले 145 प्राइमरी, 15 मिडल, 72 सेकेंडरी और 957 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं।

By RIGHT NEWS INDIA

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