London News: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एशेज सीरीज में मिली करारी हार और उसके बाद पैदा हुए विवादों के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने उन 17 खिलाड़ियों पर मीडिया से बातचीत करने को लेकर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है, जो हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज का हिस्सा थे। यह फैसला उन खिलाड़ियों पर लागू होगा जो ECB के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े हैं। बोर्ड के इस सख्त रुख ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है।
ECB ने आखिर क्यों लगाया खिलाड़ियों पर बैन?
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले के पीछे सबसे मुख्य वजह एशेज सीरीज में टीम का बेहद खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर मिली शर्मनाक हार के बाद टीम को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड नहीं चाहता कि खिलाड़ी सार्वजनिक मंचों या इंटरव्यू के जरिए हार को लेकर कोई भी विवादित बयान दें। यह प्रतिबंध टीम की छवि को और खराब होने से बचाने के लिए लगाया गया है।
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी आए लपेटे में
यह पाबंदी खास तौर पर उन खिलाड़ियों के लिए है जो इंग्लैंड बोर्ड के साथ सीधे तौर पर अनुबंधित हैं। एशेज दौरे पर गई 17 सदस्यीय टीम के सभी प्रमुख चेहरों को अब मीडिया के तीखे सवालों से दूर रहना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी तरह के मीडिया हाउस या प्रेस से सीधे संपर्क न करें। बोर्ड अब खिलाड़ियों के बयानों और उनकी गतिविधियों पर पूरी निगरानी रख रहा है।
विवादों को दबाने की कोशिश
एशेज सीरीज के दौरान और उसके बाद कई ऐसी घटनाएं घटीं, जिन्होंने इंग्लिश क्रिकेट की साख पर सवाल खड़े किए। मैदान के बाहर खिलाड़ियों के व्यवहार और टीम के भीतर अनुशासन को लेकर भी चर्चाएं गरम थीं। ECB का यह एक्शन साफ संकेत देता है कि वह अब ‘डैमेज कंट्रोल’ मोड में है। बोर्ड चाहता है कि आगामी दौरों से पहले टीम का पूरा ध्यान खेल पर रहे, न कि मीडिया की सुर्खियों और विवादों पर।


