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नए साल पर डोली धरती! Earthquake के तेज झटकों से कांपा पड़ोसी देश, दहशत में लोग

World News: नए साल का पहला दिन म्यांमार के लिए काफी डरावना साबित हुआ। गुरुवार शाम को म्यांमार के नेप्यीडॉ में भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) ने इसकी पुष्टि की है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई। यह झटका भारतीय समयानुसार शाम 6:48 बजे आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। नए साल के जश्न के बीच धरती हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

कुछ दिन पहले भी हिली थी धरती

म्यांमार में भूकंप के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं। इससे पहले सोमवार यानी 29 दिसंबर को भी यहां धरती हिली थी। तब एनसीएस ने 3.9 तीव्रता दर्ज की थी। उस समय भूकंप का केंद्र 130 किलोमीटर की गहराई में था। कुछ ही दिनों के भीतर दो बार झटके लगने से स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।

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जापान में भी आया था तेज भूकंप

सिर्फ म्यांमार ही नहीं, जापान में भी नए साल की पूर्व संध्या पर धरती डोली थी। 31 दिसंबर को जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, इसका केंद्र 91 किलोमीटर पूर्व में था। वहीं इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर दर्ज की गई। गनीमत रही कि इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

खतरे के जोन में है म्यांमार

भौगोलिक दृष्टि से म्यांमार भूकंप और सुनामी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह देश चार टेक्टोनिक प्लेटों के बीच फंसा हुआ है। इनमें भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट शामिल हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो भूकंप आता है। म्यांमार का एक बड़ा हिस्सा और लंबी तटरेखा इसी खतरे वाले जोन में आती है।

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पुरानी तबाही और स्वास्थ्य खतरा

इससे पहले 28 मार्च को मध्य म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के भीषण झटके आए थे। उस समय WHO ने विस्थापित लोगों के लिए स्वास्थ्य चेतावनी जारी की थी। बेघर हुए हजारों लोगों में टीबी और एचआईवी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। इतिहास पर नजर डालें तो 1903 में भी बागो में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था। म्यांमार की करीब 46 प्रतिशत आबादी ऐसे ही जोखिम वाले इलाकों में रहती है।

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