Leh News: उत्तर भारत के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार को कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में 5.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। झटके इतने तेज थे कि इनका असर पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर की वादियों तक महसूस किया गया। अचानक आई इस आपदा से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने पूरी घाटी में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
दोपहर में हिली जमीन, सहम गए लोग
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप शुक्रवार दोपहर को आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई है। भूकंप का केंद्र लेह क्षेत्र में जमीन के काफी नीचे स्थित था। लेह और कारगिल के अलावा श्रीनगर, गांदरबल और बारामूला में भी धरती हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच जबरदस्त दहशत का माहौल देखा गया।
श्रीनगर में 5 सेकंड तक मचा कंपन
श्रीनगर के स्थानीय निवासियों के मुताबिक, करीब 4 से 5 सेकंड तक तेज झटके महसूस हुए। घरों के पंखे और खिड़कियां जोर-जोर से हिलने लगीं। लद्दाख और कश्मीर प्रशासन ने तुरंत सभी जिलों से जमीनी रिपोर्ट मांगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के खतरे को देखते हुए बीआरओ (BRO) और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में आता है हिमालय
वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से दुनिया के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है। यह क्षेत्र ‘सीस्मिक ज़ोन 4 और 5’ के अंतर्गत आता है। टेक्टोनिक प्लेटों में लगातार होने वाली हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। लेह और कश्मीर की भौगोलिक स्थिति इसे और अधिक संवेदनशील बनाती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

