Dubai News: दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने का खिताब फिर से दुबई के नाम हो सकता है। बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़ने के लिए तैयार दुबई क्रीक टावर परियोजना अब फिर से रफ्तार पकड़ने जा रही है। रियल एस्टेट दिग्गज कंपनी एम्मार प्रॉपर्टीज ने इस मेगा प्रोजेक्ट को नए विजन के साथ फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं। आने वाले तीन महीनों में नया टेंडर जारी किया जा सकता है।
एम्मार के संस्थापक मोहम्मद अलब्बार ने हाल ही में दुबई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट फोरम में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि परियोजना अब ठंडे बस्ते में नहीं है। इसे नए डिजाइन और नए उद्देश्य के साथ फिर से प्लान किया गया है। काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
पहले केवल ऊंचाई पर फोकस था। अब नए डिजाइन में सौंदर्य और अर्थपूर्ण वास्तुकला को प्राथमिकता दी जाएगी। अलब्बार ने स्पष्ट किया कि दुबई को सिर्फ ऊंचाई के लिए ऊंचाई नहीं चाहिए। नया टावर खूबसूरत और प्रभावशाली होगा। यह आसपास के पर्यावरण और शहरी ढांचे के साथ सामंजस्य बैठाएगा।
दुबई क्रीक टावर की अवधारणा पहली बार 2016 में सामने आई थी। इसे प्रसिद्ध आर्किटेक्ट सैंटियागो कैलात्रावा ने डिजाइन किया था। इस्लामिक मीनारों और प्राकृतिक आकृतियों से प्रेरित इस डिजाइन को तब बड़ा प्रशंसा मिली थी। इसकी नींव के लिए पचास हजार घन मीटर कंक्रीट का उपयोग होना था।
कोविड-19 महामारी और वैश्विक अनिश्चितता ने इसके निर्माण में बाधा डाली। उस समय इसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना थी। रणनीतिक बदलावों के चलते प्रोजेक्ट को रोकना पड़ा। अब एम्मार ने इसे नई सोच के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
निर्माण स्थल और संभावित ऊंचाई
यह टावर दुबई क्रीक हार्बर मेंबनेगा। यह इलाका लगभग छह वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां पहले से ही लग्ज़री आवास, पार्क और मरीना विकसित हो चुके हैं। टावर के बनने के बाद यह इस पूरे हार्बर का मुख्य आकर्षण बन जाएगा।
टावर की सटीक ऊंचाई अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 928 मीटर से लेकर 1300 मीटर तक हो सकती है। वर्तमान में बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है। नया टावर इसे पार करके नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा और भविष्य
एम्मार कायह कदम ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब का किंगडम टावर जैसे प्रोजेक्ट भी गति पकड़ रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर आइकॉनिक स्काईस्क्रेपर्स की दौड़ और तेज होने की संभावना है। हर देश अपनी वास्तुकला और इंजीनियरिंग कौशल का लोहा मनवाना चाहता है।
कंपनी ने अभी परियोजना के तकनीकी पहलुओं को विस्तार से साझा नहीं किया है। हालांकि यह स्पष्ट है कि यह परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने वाली है। निर्माण शुरू होने के बाद यह दुबई की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा प्रोत्साहन होगा।
यह परियोजना दुबई को वैश्विक डिजाइन हब के रूप में और मजबूती से स्थापित करने में मदद करेगी। नया डिजाइन न केवल ऊंचाई बल्कि टिकाऊपन और कलात्मक मूल्य पर भी केंद्रित है। आने वाले समय में इसके बारे में और अधिक जानकारी सामने आने की प्रतीक्षा है।

