National News: केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम में बड़े बदलाव ला रही है। इन बदलावों का मकसद सड़क सुरक्षा बढ़ाना और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करना है। नए प्रस्तावों के मुताबिक, बार-बार चालान कटने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण रद्द हो सकता है। उनके वाहन बीमा का प्रीमियम भी बढ़ सकता है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन प्रस्तावों पर राज्यों के मंत्रियों से बात की है। कुल 61 संशोधन प्रस्तावित हैं। इन्हें अगले बजट सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। ये बदलाव सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
लाइसेंस नवीनीकरण पर चालान रिकॉर्ड का असर
नए नियमोंके तहत ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण चालक के पिछले रिकॉर्ड पर निर्भर करेगा। जिन चालकों के कई चालान होंगे, उनका लाइसेंस नवीनीकरण मुश्किल हो जाएगा। तीन साल की अवधि में लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में नया लाइसेंस नहीं मिल पाएगा। यह कदम लापरवाह ड्राइविंग पर अंकुश लगाने के लिए है।
सरकार का लक्ष्य ड्राइवरों में अनुशासन बढ़ाना है। चालान का डिजिटल रिकॉर्ड इस काम में मददगार साबित होगा। यह प्रणाली नवीनीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएगी। चालकों को अब ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
वाहन बीमा और पंजीकरण से जुड़े नए प्रावधान
वाहन बीमाके नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। थर्ड पार्टी बीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब यह बीमा वाहन मालिक, चालक और निजी वाहन में सवार हर व्यक्ति को कवर करेगा। बीमा प्रीमियम की राशि चालान के इतिहास और वाहन की आयु के आधार पर तय होगी।
नियमों का उल्लंघन करने और जुर्माना न चुकाने वाले वाहनों की आरसी यानी पंजीकरण भी निलंबित किया जा सकेगा। बिना बीमा के चल रहे वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है। वाहन पंजीकरण की वैधता अब वाहन खरीद की तारीख से मानी जाएगी। यह प्रावधान पारदर्शिता लाएगा।
वाहनों की नई श्रेणियां और विशेष नियम
सरकार स्कूलीवाहनों के लिए एक नई अलग श्रेणी बनाने जा रही है। इससे स्कूल बसों और वैनों की सुरक्षा मानकों पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। स्टेज कैरिज बसों के लिए पांच साल का परमिट राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा। यह परमिट प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
दोपहिया वाहनों को भी अब स्टेज कैरिज परमिट लेने की सुविधा मिलेगी। इससे सार्वजनिक परिवहन में दोपहिया वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वाहन एग्रीगेटर्स यानी राइड-शेयर और डिलीवरी कंपनियों के लिए अलग विशेष नियम बनाए जाएंगे। इनका मकसद इस क्षेत्र को नियमित करना है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य
इन सभीबदलावों का मुख्य उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा के मानकों को ऊंचा उठाना है। ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ाना भी एक प्रमुख लक्ष्य है। सरकार का मानना है कि चालकों के व्यवहार में सुधार से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अनियंत्रित वाहन संचालन पर भी रोक लगेगी।
ये प्रस्ताव अगले संसद सत्र में कानून का रूप ले सकते हैं। इन्हें लागू करने से पहले राज्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। परिवहन मंत्रालय इन बदलावों के माध्यम से एक सुरक्षित और अनुशासित सड़क संस्कृति विकसित करना चाहता है। यह पहल देश के यातायात ढांचे को मजबूती देगी।
