Uttar Pradesh News: लखनऊ से एक गंभीर साइबर ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। एक निजी ड्राइवर ने अपनी मालकिन को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपए की मांग की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ड्राइवर लंबे समय से पीड़िता के घर काम कर रहा था। उसने विश्वास का गलत फायदा उठाया। आरोप है कि ड्राइवर ने चुपके से निजी पलों का वीडियो बना लिया। इस वीडियो के आधार पर उसने ब्लैकमेलिंग शुरू की।
पीड़िता ने बताई पूरी घटना
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर ने उन्हें सीधे धमकी दी। उसने कहा कि अगर पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस धमकी से वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गईं।
शुरू में बदनामी के डर से पीड़िता ने चुप्पी साध ली। लेकिन जब ड्राइवर की धमकियां बढ़ने लगीं तो उन्होंने हिम्मत जुटाई। उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया। लखनऊ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। ब्लैकमेलिंग, धमकी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम आरोपी ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए जाएंगे। इनकी फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि वीडियो वास्तव में मौजूद है या नहीं। साथ ही यह भी पता चलेगा कि उसे कहीं साझा तो नहीं किया गया।
पुलिस ने पीड़िता को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। उन्हें कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को डरना नहीं चाहिए। कानून उनके साथ खड़ा है।
साइबर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डिजिटल युग में निजी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग एक नया खतरा बन गया है। आरोपी अक्सर पीड़ित की चुप्पी और सामाजिक भय का फायदा उठाते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि घरेलू कर्मचारियों को अनावश्यक निजी पहुंच न दें। मोबाइल फोन और कैमरा वाले उपकरणों पर नजर रखें। घर की डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
साइबर सेल के अधिकारियों ने कहा कि ऐसी कोई भी धमकी मिलने पर तुरंत शिकायत करें। देरी करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करती है। सबूत सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
घरेलू कर्मचारियों के चयन पर सवाल
इस घटना ने घरेलू कर्मचारियों के चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि नौकर रखते समय पूरी पृष्ठभूमि की जांच जरूरी है। कर्मचारियों को घर की निजता का सम्मान करना सिखाना चाहिए।
महिला सुरक्षा से जुड़े संगठन इस मामले पर गंभीर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि डिजिटल अपराधों के खिलाफ और सख्त कानून की जरूरत है। पीड़िताओं को मनोवैज्ञानिक सहायता भी मिलनी चाहिए।
लखनऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है। अगर किसी को भी ऐसी धमकी या ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़े तो तुरंत सूचना दें। पुलिस की साइबर सेल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
इस मामले की जांच तेज गति से चल रही है। पुलिस आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। पीड़िता को हरसंभव कानूनी और सुरक्षा सहायता प्रदान की जा रही है। मामले के नए घटनाक्रम की प्रतीक्षा है।
