United Nations News: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला एक “खतरनाक मिसाल” हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन द्वारा निकोलस मादुरो को हटाने की कोशिशों पर दुनिया की नजर है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव पर सोमवार को एक अहम बैठक होगी।
कोलंबिया ने यूएन सुरक्षा परिषद की यह बैठक बुलाई है। इसे रूस और चीन का पूरा समर्थन मिला है। डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुई सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच तनातनी को लेकर दो बार बैठकें हो चुकी हैं। अब देखना होगा कि संयुक्त राष्ट्र इस मामले में क्या कदम उठाता है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपनी मंशा साफ कर दी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन वेनेजुएला को नियंत्रित करेगा। यह नियंत्रण तब तक रहेगा जब तक वहां “सुरक्षित और सही ट्रांज़िशन” नहीं हो जाता। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमेरिका अब खुलेआम किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल देगा?
इसे बताया ‘कॉलोनियल युद्ध’
वेनेजुएला के यूएन दूत सैमुअल मोनकाडा ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को “कॉलोनियल युद्ध” करार दिया। मोनकाडा का आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप वहां की रिपब्लिकन सरकार को खत्म करना चाहते हैं। अमेरिका का मकसद वहां एक कठपुतली सरकार बनाना है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने यूएन चार्टर का उल्लंघन किया है। चार्टर के अनुसार, कोई देश किसी दूसरे देश की आजादी पर हमला नहीं कर सकता।
अमेरिका ने दी अपनी सफाई
यूएन महासचिव के प्रवक्ता ने अमेरिकी हमलों पर चिंता जताई है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना है। हालांकि, अमेरिका अपने रुख पर कायम है। यूएन में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने इसे “न्याय” बताया है। उन्होंने मादुरो को एक “दोषी तानाशाह” कहा। वाल्ट्ज का कहना है कि यह शासन परिवर्तन नहीं, बल्कि न्याय की कार्रवाई है। बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में संदिग्ध ड्रग तस्करी वाली नावों को भी निशाना बनाया था।
