Venezuela News: दुनिया में शनिवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव हुआ। अमेरिका ने राजधानी काराकस पर जोरदार हमला कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है। अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनके परिवार को हिरासत में ले लिया है। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है।
उपराष्ट्रपति को नहीं मिली कोई खबर
इस हमले के बाद वेनेजुएला सरकार पूरी तरह हिल गई है। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मादुरो के बारे में कुछ नहीं पता है। वह कहां हैं और किस हाल में हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दुनिया के देशों से मदद मांगी है। वह बस यह जानना चाहती हैं कि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं या नहीं। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की खूब तारीफ की है।
मौत का दूसरा नाम है ‘डेल्टा फोर्स’
इस मिशन को अमेरिका की ‘डेल्टा फोर्स’ ने अंजाम दिया है। यह दुनिया की सबसे खतरनाक मिलिट्री यूनिट मानी जाती है। इसका पूरा नाम ‘फर्स्ट स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा’ है। यह यूनिट बहुत ही गुप्त तरीके से काम करती है। यह फोर्स जो भी करती है, उसकी खबर किसी को नहीं लगती। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक शानदार मिशन बताया है।
सद्दाम हुसैन को भी इन्होंने ही पकड़ा था
डेल्टा फोर्स का इतिहास बहुत ही भयानक रहा है। यह फोर्स केवल ‘हाई-वैल्यू टारगेट’ यानी बड़े दुश्मनों पर काम करती है। इसे 1970 के दशक में बनाया गया था। इसी यूनिट ने इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन को एक गड्ढे से खोज निकाला था। साल 2019 में आईएसआईएस सरगना बगदादी को भी इसी फोर्स ने मारा था। अब वेनेजुएला में भी इन्होंने अपनी ताकत दिखा दी है।

