जानकारी के मुताबिक अरसो पुत्री रमजान गांव देहरी डाकघर चरोड़ी तहसील चुराह चंबा मेडिकल कॉलेज में एक 11 वर्षीय बच्ची पेट की दर्द से 17 घंटे तक कराहती रही, लेकिन उसका चेकअप करने के लिए कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। उसके बाद परिजनों को मजबूरन बच्ची को टांडा ले जाना पड़ा। परिजनों ने की इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन मे भी कर दी है।

जानकारी के मुताबिक अरसो पुत्री रमजान गांव देहरी डाकघर चरोड़ी तहसील चुराह को पेट दर्द के चलते वीरवार शाम छह बजे चंबा मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया गया। बच्ची के पिता रमजान के मुताबिक आपातकालीन कक्ष में बच्ची का एक्स-रे किया गया। यहां तैनात डॉक्टर ने पेट में संक्रमण की बात कही और बच्ची को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सों ने भी आपातकालीन कक्ष में तैनात चिकित्सक के परामर्श के अनुसार उपचार दे दिया लेकिन, बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं हो पाया।

पिता रमजान का आरोप है कि वह स्टाफ नर्स के पास चिकित्सक को बुलाने का आग्रह लेकर गए लेकिन चिकित्सक ने बच्ची का दोबारा चेकअप नहीं किया। शुक्रवार सुबह चिकित्सीय राउंड के दौरान भी बच्ची बेड पर लेटी रही। जब डॉक्टर राउंड के लिए नहीं पहुंचा तो बच्ची के पिता बेटी को निजी वाहन के जरिये टांडा ले गए। यह मामला शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे का है।

अस्पताल में बदहाल व्यवस्था को लेकर रमजान ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत कर दी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले नेताओं पर आरोप लगाया है कि चंबा में मेडिकल कॉलेज तो खोल दिया है लेकिन सुविधाएं नाममात्र की भी नहीं हैं। चिकित्सक उपचाराधीन मरीजों को देखने तक नहीं आते।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प में शिकायत कर दी गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और लापरवाह चिकित्सीय स्टाफ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहन सिंह का कहना है कि इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।

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