Mumbai News: संगीत की दुनिया के जादूगर एआर रहमान इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में बॉलीवुड में काम न मिलने को लेकर अपना दर्द बयां किया है। रहमान ने कहा कि एक ‘गैंग’ के कारण उन्हें पिछले 8 सालों से हिंदी फिल्मों में काम नहीं मिल रहा है। इस बयान के बाद उनकी निजी जिंदगी के पन्ने भी खुलने लगे हैं। क्या आप जानते हैं कि ऑस्कर विजेता रहमान जन्म से हिंदू थे? उनका बचपन बेहद गरीबी और अपमान में बीता। एक घटना ने उन्हें ‘दिलीप कुमार’ से ‘एआर रहमान’ बना दिया।
पिता की मौत और गरीबी का दंश
रहमान का जन्म तमिलनाडु के एक हिंदू परिवार में हुआ था। उनका असली नाम दिलीप कुमार राजगोपाला था। उनके पिता आर.के. शेखर भी संगीतकार थे। रहमान जब सिर्फ 9 साल के थे, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। इसके बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। घर का खर्च चलाने के लिए पिता के वाद्ययंत्रों (Musical Instruments) को किराए पर देना पड़ता था। घर की जिम्मेदारी नन्हे रहमान के कंधों पर आ गई थी।
स्कूल ने किया मां को जलील
काम के बोझ के कारण रहमान अक्सर स्कूल नहीं जा पाते थे। इस वजह से वे परीक्षाओं में फेल हो जाते थे। एक बार स्कूल प्रशासन ने उनकी मां को बुलाया। स्कूल ने बेहद अपमानजनक बात कही। उन्होंने मां से कहा कि पढ़ाई छोड़कर रहमान को सड़क पर भीख मांगने के लिए ले जाओ। इस घटना ने रहमान को अंदर तक तोड़ दिया था। उन्होंने जीवन से सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं।
सूफी पीर से मिली शांति और अपनाया इस्लाम
जीवन के सबसे बुरे दौर में रहमान को एक आध्यात्मिक सहारा मिला। उनकी मुलाकात एक सूफी पीर, कादरी साहब से हुई। इसी पीर ने कैंसर से जूझ रहे उनके पिता का इलाज भी किया था। रहमान उनके विचारों और शिक्षाओं से काफी प्रभावित हुए। उन्हें वहां मानसिक शांति मिली। इसके बाद 23 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां और बहनों के साथ इस्लाम धर्म कबूल कर लिया। एक इंटरव्यू में रहमान ने इसे अपना निजी और आध्यात्मिक फैसला बताया था।
हिंदू ज्योतिषी ने दिया था मुस्लिम नाम
रहमान को अपना बचपन का नाम ‘दिलीप कुमार’ कभी पसंद नहीं था। उन्हें लगता था कि यह नाम उनकी छवि से मेल नहीं खाता। नसरीन मुन्नी कबीर की किताब ‘ए.आर. रहमान: द स्पिरिट ऑफ म्यूजिक’ में एक दिलचस्प किस्सा है। इस्लाम कबूलने के बाद उन्हें नया नाम एक हिंदू ज्योतिषी ने दिया था। ज्योतिषी ने उन्हें ‘अब्दुल रहमान’ और ‘अब्दुल रहीम’ में से कोई एक नाम चुनने को कहा। उन्हें ‘रहमान’ नाम तुरंत पसंद आ गया। इस तरह दिलीप कुमार हमेशा के लिए एआर रहमान बन गए।

