रविवार को सूर्य पूजा के बाद बांटें ये एक खास प्रसाद, घर से हमेशा के लिए खत्म होगा गृह क्लेश

Uttar Pradesh News: सनातन धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन विधि-विधान से सूर्य नारायण का पूजन और व्रत करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि और आरोग्य का वरदान मिलता है। कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होने से व्यक्ति को करियर और नौकरी में अपार सफलता प्राप्त होती है। विशेष रूप से रविवार के दिन पूजा के बाद एक खास प्रसाद का वितरण करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और आपसी कलह से मुक्ति मिलती है।

सूर्य देव की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा

रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा दूध मिलाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। पूजा के दौरान सूर्य देव को लाल चंदन अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। अर्घ्य देते समय भगवान सूर्य के मंत्रों का मानसिक जाप करें।

मंत्र जाप और पाठ का है विशेष महत्व

अर्घ्य देने के बाद पूजा स्थल पर लाल रंग का आसन बिछाकर बैठें। भगवान सूर्य के बीज मंत्र की कम से कम पांच माला का जाप करें। इसके पश्चात रविवार व्रत की कथा सुनें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद अपनी ही जगह पर खड़े होकर परिक्रमा करें और भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना करें। यह उपाय आत्मविश्वास में वृद्धि करता है।

गृह क्लेश दूर करने के लिए बांटे यह प्रसाद

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रविवार को पूजा के बाद प्रसाद का सही चुनाव पारिवारिक शांति के लिए जरूरी है। इस दिन गुड़, गेहूं या गुड़ से बनी मिठाई का प्रसाद बांटना सबसे उत्तम रहता है। यदि संभव हो तो लाल फूलों के साथ गुड़ का दान करें। माना जाता है कि ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और घर के सदस्यों के बीच चल रहे मानसिक तनाव या क्लेश का अंत होता है।

Hot this week

Related Articles

Popular Categories