कोरोना सैंपलिंग में ढील के कारण हो सकती है अनुशासनात्मक कार्यवाही- बीडीओ निशांत शर्मा

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गोहर, सुभाग सचदेवा। कोविड 19 कोरोना वायरस की दुसरी लहर के भयावह नतीजों से सीख लेते हुए सरकार ने तीसरी लहर के खतरे को भांपते हुए पहले से एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। बेशक कोरोना की दुसरी लहर से देश काफी हद तक संभल गया है और कड़े प्रयासों से नियंत्रण भी पा लिया गया है। फिर भी कोरोना की दुसरी लहर के भयानक नतीजे सामने आए हैं। सरकार ने कड़े कानून बनाए, पाबंदियां लगाई, लोकडाउन लगा, लेकिन इन सब के बावजूद बहुत अभागे लोगों को कोरोना से लड़ते लड़ते जिंदगी से हार माननी पड़ी।

अब जबकि तीसरी लहर आने की पुरी संभावना जताई जा रही है। सरकार ने पहले से ही कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर कोरोना सैंपलिंग का काम शुरू किया है। ताकि समय रहते कोरोना संक्रमित मरीज़ का पता लगाया जा सके और जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया। सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए कि पंचायत स्तर पर घर घर जाकर लोगों को कोरोना टैस्ट के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

खंड विकास अधिकारी विकास खंड गोहर निशांत शर्मा द्वारा जारी सर्कुलर में उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को आगाह करते हुए कहा है कि पंचायत प्रतिनिधि कोरोना सैंपलिंग मे कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। सरकार के दिशा निर्देशों अनुसार पंचायत प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, आशा वर्कर के सहयोग से घर घर जाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना सैंपलिंग के लिए प्रेरित करें। ताकि समय रहते कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। निशांत शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों को आगाह किया है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को कोरोना सैंपलिंग के लिए लाना पंचायतों का कार्य है। अगर किसी भी कारण कोरोना सैंपलिंग मे ढील बर्ती गई या लापरवाही की गई तो पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अम्ल में लाई जा सकती है।

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