अल्का शर्मा, संस्थापिका, एंजेल दिव्यांग आश्रम

कांगड़ा के रैहन में आज से तीन साल पहले स्थापित किया गया एंजेल दिव्यांग आश्रम आज दिव्यांग और मानसिक रूप से अविकसित बच्चों के लिए वरदान बन चुका है। जहां आज समाज में लोग दिव्यांग और मानसिक रूप से अविकसित बच्चों को तिरस्कार की नजर से देखता है। वही एंजेल दिव्यांग आश्रम में दिव्यांग बच्चों को प्यार से रखा जाता है, उनकी हर जरूरत का ख्याल रखा जाता है। यहां कई मानसिक रूप से अविकसित बच्चे समझदार ही नही हुए बल्कि दिव्यांग बच्चों को चलना, काम करना और खेल खेल में कई और चीजे भी सिखाई जाती है।

तनवी आज से एक साल पहले एंजेल दिव्यांग आश्रम में आई थी तो उसका चलना नामुमकिन सा लगता था। यहां आश्रम में एक साल तनवी का इलाज चला। आज एंजेल दिव्यांग आश्रम की संस्थापिका अल्का शर्मा और उनके पति नीरज शर्मा की मेहनत रंग लाई है। तनवी ने चलना शुरू कर दिया है। जिससे एंजेल दिव्यांग आश्रम में खुशी का माहौल है। अल्का शर्मा और नीरज शर्मा आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन चुके है। एंगेल दिव्यांग आश्रम से एक तनवी ने ही चलना नही सीखा है, बल्कि आज तक यहां से छः बच्चों ने चलना सीखा है। जो अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और अल्का शर्मा और नीरज शर्मा इसके लिए बधाई के पात्र है।

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