New Delhi News: डायबिटीज आजकल हर दूसरे घर की कहानी बन चुकी है। मरीज शुगर कंट्रोल करने के लिए कड़वी दवाओं और सख्त डाइट का सहारा लेते हैं। लेकिन अब आपको मन मारने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एम्स (AIIMS) और हार्वर्ड से पढ़े डॉक्टर ने एक बेहद आसान तरीका बताया है। यह तरीका न केवल मुफ्त है, बल्कि बेहद असरदार भी है।
AIIMS डॉक्टर ने बताया जादुई तरीका
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने इस बाबत महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली एम्स और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से पूरी की है। डॉ. सेठी के मुताबिक, खाने के बाद सिर्फ 10 मिनट की सैर आपकी सेहत बदल सकती है। यह छोटी सी आदत ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में किसी दवा से कम नहीं है। उन्होंने हाल ही में इस राज से पर्दा उठाया है।
शरीर के अंदर क्या होता है?
खाने के बाद टहलने का विज्ञान बहुत सीधा है। जब आप चलते हैं, तो पैरों की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। ये मांसपेशियां खून में मौजूद शुगर (शर्करा) को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करती हैं। इससे शरीर में इंसुलिन का लेवल खुद-ब-खुद बैलेंस होने लगता है। चलने से मांसपेशियों में संकुचन होता है। यह प्रक्रिया बिना ज्यादा इंसुलिन के ही कोशिकाओं तक शुगर पहुंचाती है।
वजन और तनाव पर भी चोट
भोजन के बाद टहलना केवल शुगर ही नहीं, बल्कि मोटापे को भी रोकता है। पैदल चलने से कैलोरी बर्न होती है। इससे वजन कंट्रोल में रहता है। साथ ही यह तनाव वाले हार्मोन को भी कम करता है। कम तनाव का सीधा असर आपके शुगर लेवल पर पड़ता है। रात के खाने के बाद टहलने से नींद भी गहरी आती है। अच्छी नींद इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ा देती है।
कितनी देर चलना है जरूरी?
विशेषज्ञों की मानें तो आपको मैराथन दौड़ने की जरूरत नहीं है। खाने के तुरंत बाद 10 से 15 मिनट की तेज सैर काफी है। यह ब्लड शुगर के स्तर में भारी गिरावट ला सकती है। अगर आप इतना समय नहीं निकाल सकते, तो छोटी शुरुआत करें। महज 2 से 5 मिनट की हल्की सैर भी शरीर को फायदा पहुंचाती है। आज ही से इस आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
