Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज में छात्रा की मौत के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की जांच कमेटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच टीम को कॉलेज में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और रैगिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि गवाहों के बयानों में रैगिंग की पुष्टि नहीं हुई है। निदेशालय जल्द ही यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।
जांच में नहीं मिले रैगिंग के सबूत
अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कॉलेज में गहराई से पड़ताल की। टीम ने शिक्षकों, छात्रों और स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ की। पुराने रिकॉर्ड और शिकायत रजिस्टर भी खंगाले गए। जांच में सामने आया कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ पहले कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत दर्ज नहीं थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कमेटी ने रैगिंग के आरोपों को फिलहाल खारिज कर दिया है।
यौन शोषण के आरोपों पर सस्पेंस बरकरार
समिति ने साफ किया है कि यौन शोषण के गंभीर आरोपों पर जांच अभी खत्म नहीं हुई है। इस पहलू पर मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच टीम कॉल डिटेल्स और घटनाक्रम की टाइमलाइन को जोड़कर देख रही है। इन रिपोर्ट्स के आने के बाद ही यौन शोषण के एंगल पर स्थिति साफ होगी। बता दें कि मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार अभी निलंबित चल रहे हैं।
अब 13 फरवरी को होगी सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 13 फरवरी को धर्मशाला कोर्ट में होगी। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में संशोधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आरोपी शिक्षक और जमानत पर चल रहीं दो छात्राओं की अंतरिम जमानत पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यानी 13 फरवरी तक आरोपियों को राहत मिली रहेगी।
