Kangra News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में लगातार हुई भारी बारिश ने पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। सड़कें धंस गई हैं, बड़ी दरारें आ गई हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने मरम्मत का एस्टीमेट तैयार कर लिया है और बारिश रुकते ही काम शुरू करने का वादा किया है।
मुख्य मार्ग हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त
खड़ाडंडा मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। चंबा से आने वाला रास्ता सुधेड़ के पास पूरी तरह से बैठ चुका है। धर्मशाला से मैक्लोडगंज को कैंटोनमेंट के रास्ते से जोड़ने वाला एनएच-503 भी सुरक्षित नहीं बचा है। इस मार्ग पर कई जगह धंसाव और चौड़ी दरारें देखी जा सकती हैं।
बड़ा गड्ढा बन गया हादसे का कारण
वायाकैंट मार्ग पर एक स्थान पर सड़क इतनी ज्यादा धंस गई है कि एक विशाल गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा रात के समय या खराब मौसम में किसी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों ने इसके नजदीक तुरंत चेतावनी बोर्ड लगाने की सलाह दी है।
प्रशासन ने बताया मरम्मत का प्लान
राष्ट्रीय राजमार्ग विंग शाहपुर नेसभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए एक अनुमान तैयार कर लिया है। इस काम के लिए एक विशेष बजट की आवश्यकता होगी, जिसे एनएच से पास कराया जाएगा। उपमंडल प्रशासन ने कुछ जगहों पर अस्थायी मरम्मत के निर्देश भी दिए हैं।
मौसम साफ होते ही शुरू होगा काम
लगातार बारिश केकारण अभी मरम्मत का काम शुरू नहीं किया जा सका है। ठोस मरम्मत के लिए लगातार तीन-चार दिनों तक अच्छे मौसम की जरूरत है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बारिश रुकेगी, मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
पंद्रह दिनों में सड़कों को बनाने का लक्ष्य
प्रशासन नेस्थानीय निवासियों और पर्यटकों को राहत देने का लक्ष्य रखा है। उनका दावा है कि मौसम खुलने के बाद सिर्फ पंद्रह दिनों के भीतर सभी सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। इससे पहले एनएच विंग मार्ग को बेस से ठीक करने का इरादा रखता है।

