Himachal News: धर्मशाला महाविद्यालय में छात्रा की रहस्यमय मौत की जांच अब तेज हो गई है। यूजीसी की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने आरोपित सहायक प्राध्यापक का सर्विस रिकॉर्ड जांचा है। वहीं पुलिस ने छात्रा के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने पुलिस से जल्द न्याय की मांग की है।
इस बीच उपायुक्त कार्यालय के बाहर युवा संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। महासभा ने प्रशासन को 15 दिन के भीतर न्याय देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने पर प्रदेशभर में चक्काजाम किया जाएगा।
यूजीसी कमेटी के सदस्य कॉलेज से सभी जरूरी दस्तावेज लेकर दिल्ली लौट गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसके समानांतर हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की टीम भी सक्रिय है।
पुलिस की नई कार्रवाई और मेडिकल बोर्ड
निदेशालय की कमेटी ने कॉलेज के कई विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सीय बोर्ड गठित किया है। इस बोर्ड में कई विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं।
पुलिस ने छात्रा के इलाज से जुड़े सभी अस्पतालों के रिकॉर्ड जुटाए हैं। ये सभी दस्तावेज अब मेडिकल बोर्ड के समक्ष रखे गए हैं। बोर्ड इनकी विस्तृत समीक्षा करेगा और अपनी राय देगा।
मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
छात्रा के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने इस फोन को फोरेंसिक लैब में भेज दिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट चार से पांच दिन में आ सकती है।
यह रिपोर्ट जांच में नया मोड़ ला सकती है। मोबाइल में मिली जानकारी घटना के कारणों पर प्रकाश डाल सकती है। पुलिस इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात
मृतक छात्रा के परिजन वीरवार को कांगड़ा पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न से मिले। उन्होंने अधीक्षक से त्वरित कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई। परिजन घटना के बाद से लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने परिजनों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और तेज गति से चल रही है। हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
शनिवार को कॉलेज में पहुंचेगी पुलिस टीम
जांच में एक नया विकास यह है कि शनिवार को पुलिस की टीम फिर कॉलेज पहुंचेगी। यह टीम मामले की जांच अधिकारी के नेतृत्व में आएगी। संभावना है कि टीम कॉलेज परिसर और अन्य स्थानों का निरीक्षण करेगी।
पुलिस शिक्षकों और छात्रों से भी पूछताछ कर सकती है। इससे घटना के कई पहलुओं पर और जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस हर कोण से इस मामले की जांच कर रही है।
प्रशासनिक और शैक्षणिक जांच एक साथ
यूजीसी और राज्य शिक्षा विभाग की जांच समानांतर चल रही है। इससे कॉलेज प्रबंधन और कर्मचारियों पर दबाव बना हुआ है। दोनों जांच समितियां अपनी रिपोर्ट जल्द पेश करेंगी।
इन रिपोर्ट्स में संस्थान की भूमिका और प्रक्रियाओं पर भी प्रकाश पड़ेगा। छात्र सुरक्षा और संस्थानों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरे मामले ने शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा को केंद्र में ला दिया है।
न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर असंतोष
महर्षि वाल्मीकि और गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के प्रदर्शन ने मामले को नया आयाम दिया है। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि पंद्रह दिन के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाए।
सामाजिक संगठनों का यह समर्थन परिजनों के संघर्ष को बल दे रहा है। प्रशासन अब सख्त कार्रवाई के दबाव में है। स्थानीय स्तर पर इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सभी आधुनिक तकनीकी साधनों का इस्तेमाल जांच में किया जा रहा है। हर छोटे से छोटे सुराग पर गौर किया जा रहा है। इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
