Himachal News: धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत का मामला अभी भी सुलझ नहीं पाया है। यह घटना पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी ब्रेकिंग न्यूज बनी हुई है। पुलिस, यूजीसी और शिक्षा निदेशालय की एसआईटी (SIT) लगातार जांच में जुटी हैं। इसके बावजूद एक हफ्ते बाद भी जांच एजेंसियों के हाथ खाली हैं। अधिकारियों को अभी तक केस में कोई भी बड़ा सुराग (Breakthrough) नहीं मिला है। हर कोई इस मामले के सच का इंतजार कर रहा है।
वीडियो के आधार पर हुई थी कार्रवाई
मृतक छात्रा ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो वायरल होते ही ब्रेकिंग न्यूज बन गया था। पुलिस ने वीडियो और परिजनों की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया। चार छात्राओं और एक शिक्षक के खिलाफ रैगिंग और यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया। फिलहाल सभी आरोपी अंतरिम जमानत पर हैं। पुलिस लगातार आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है।
डिजिटल सबूतों पर टिकी है जांच
यूजीसी (UGC) द्वारा बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कॉलेज में डेरा डाल दिया है। पांच सदस्यों की यह टीम शिक्षकों, छात्रों और पुराने छात्रों से पूछताछ कर रही है। जांच अब काफी हद तक मेडिकल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों पर निर्भर है। जांच टीमें पुलिस से भी जानकारी साझा कर रही हैं। वे अब तक की सभी घटनाओं की समीक्षा कर रही हैं ताकि सच सामने आ सके।
मेडिकल बोर्ड खोलेगा मौत का राज
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसमें आरोपियों और मृतक के परिजनों के बयान शामिल हैं। एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि मामले की गहराई से जांच हो रही है। गुरुवार को टांडा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा। यह बोर्ड छात्रा की मेडिकल हिस्ट्री और इलाज के रिकॉर्ड की जांच करेगा। उम्मीद है कि जल्द ही इस ब्रेकिंग न्यूज में कोई नया और अहम मोड़ आएगा।
